Sunday, January 23, 2022

देविंदर सिंह को चुप कराने के लिए एनआईए को सौंपी गई ज़िम्मेदारी: राहुल गांधी

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जम्मू-कश्मीर के हिजबूल के आतं*कियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा किए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा है कि आतंकी डीएसपी दविंदर को चुप कराने का सबसे अच्छा तरीका है, मामले की जांच को एनआईए को सौंप देना। उन्होंने कहा कि वर्तमान एनआईए प्रमुख के अधीन इस केस की जांच का कुछ नतीजा नहीं आने वाला।

राहुल ने कहा, ‘एनआईए के प्रमुख भी दूसरे मोदी ही हैं- वाईके जिन्होंने गुजरात दंगों और हरेन पांड्या की हत्या मामले की जांच की थी। वाईके की देखरेख में यह केस खत्म होने जैसा है।’ बहरहाल, बता दें कि एनआईए के मौजूदा प्रमुख का नाम वाईसी (योगेश चंद्र) मोदी है, न वाईके मोदी।

आखिर में राहुल ने सवाल किया कि आखिर टेररिस्ट देविंदर को कौन चुप कराना चाहता है और क्यों? उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा, ‘आतंकवादी देविंदर को कौन लोग चुप कराना चाहते हैं और क्यों? राहुल पहले भी देविंदर सिंह के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठा चुके हैं।

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दविंदर सिंह की गिरफ्तारी को लेकर ट्वीट कर कहा था कि डीएसपी की गिरफ्तारी से परेशान करने वाले सवाल खड़े हुए हैं जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह बहुत अजीब लगता है कि वह न सिर्फ शिनाख्त किए जाने से बचा, बल्कि वह मौजूदा हालात में जम्मू-कश्मीर में विदेशी राजनयिकों के दौरे के समय उनके साथ रहने जैसे महत्वूपर्ण संवेदनशील ड्यूटी में लगाया गया। उन्होंने सवाल किया, वह किसके निर्देशों पर काम कर रहा था? कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”पूरी जांच होनी चाहिए। भारत के खिलाफ आतं*की हमले के षड्यंत्र में मदद करना देशद्रोह है।

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