सहारनपुर. मोदी सरकार में केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं उद्यम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीराज सिंह ने बुधवार को विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद को आतंक का मंदिर बताते हुए कहा कि हाफिज सईद और बगदादी भी देवबंद में शिक्षा पाए हैं।

देवबंद के स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से देवी कुंड स्थित उनके आश्रम में मुलाकात करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा, “गुरुकुल से आजतक कोई बच्चा आतंकी नहीं निकला, लेकिन देवबंद को लोग शिक्षा का मंदिर कहते हैं। पता नहीं यह शिक्षा का मंदिर है या आतंक का। लोगों ने मुझे बताया कि हाफिज सईद जैसे आतंकी और मानवता के दुश्मन इस्लामिक स्टेट के संस्थापक बगदादी दोनों देवबंद के छात्र रहे हैं। यह शिक्षा का मंदिर नहीं हो सकता है। यह आतंक का गढ़ है।”

आयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा, मुसलमान हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा न ले। उन्होंने कहा कि जब देश में तीस लाख मस्जिदें बन सकती हैं तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर क्यों नहीं बन सकता। भगवान श्रीराम का मंदिर देश के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं की आस्‍था का विषय है। मुसलमानों को यह बात समझनी चाहिए और रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण में बाधा नहीं बनना चाहिए।

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उन्होंने कांग्रेस पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ का मंदिर बनाया था अगर नेहरू ने भी उसी समय काशी, मथूरा अयोध्या बना दिया होता तो आज देश के हिंदू मुसलमानों के बीच नफरत की यह दीवार ही न होती।

केंद्रीय मंत्री ने देश की बढती जनसंख्या को देश के विकास में बाधक बताते हुए कहा कि जनसंख्या वृद्धि इसी तरह होती रही तो देश के लोगों को पानी भी नहीं मिलेगा।

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