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बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि सांप्रदायिक ताकतों का सूबे की सत्ता में आने से रोकने के लिये मुस्लिम समुदाय को दलितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडा होना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि कहा कि मुसतलमान यदि दलित के साथ मिलकर बसपा को वोट देता है तो चुनाव में मय ब्याज के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सजा दी जा सकेगी. मायावती के अनुसार, राज्य में बसपा का मूल वोटबैंक (दलित) करीब 25 फीसदी है. इसमें यदि मुसलमान और कुछ अन्य जातियाें का वोट मिल जाये तो बसपा को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता.

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इसी के साथ उन्होंने सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर कहा कि इस गठबंधन को बीजेपी के इशारे का इंतजार है. उन्होने कहा, उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस का गठजोड़ तभी होगा, जब भाजपा उसकी मंजूरी दे और यदि वह महसूस करती हो कि उसे इससे फायदा होगा. ऐसे गठजोड़ से फायदा और नुकसान का आकलन करने के बाद ही भाजपा ऐसे गठजोड़ के लिए हरी झंडी देगी.

उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार पर आय से अधिक संपत्ति के मामलों और अन्य कमजोरियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और सीबीआई के जरिए दबाव बना रही है कि वह विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लडें़, ताकि मुसलमान वोट विभाजित किया जा सके और बसपा को सत्ता में आने से रोका जा सके.

मायावती ने कहा कि यूपी में दंगों के पीछे समाजवादी पार्टी और भाजपा है. उन्होंने मुस्लिमों को आगाह करते हुए कहा कि भाजाप और अन्य पार्टियां मुस्लिम वोटों को बांटने की चाल चल रही हैं. मायावती ने कहा कि  मुसलमानों का सहयोग भाजपा को रोक सकता है और बसपा ही यहां भाजपा को रोकने में सक्षम है.

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