कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने आगर-मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र परिहार के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनके रहते हुए किसी भी दलित और अल्पसंख्यक को डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह दलित और मुसलमानों की सेवा के लिए ही तो बदनाम है।

इस दौरान उन्होंने मंच से कहा कि मैं दुखी हूं, बाहर दुखी मन से भाषण दे रहा हूं, दलितों को आज डराया जा रहा है, मुसलमानों को डराया जा रहा है, लेकिन किसी को डरने की ज़रूरत नहीं।  जब दिग्विजय सिंह बैठा है तो तुम क्यों डरते हो, दलित और मुसलमानों की सेवा के लिए ही तो दिग्विजयसिंह बदनाम रहा है, फिर डरने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कांग्रेस से बगावत कर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी के आचरण को लेकर भी दुख जताते हुए कहा कि जो कांग्रेस का नहीं है, वह मेरा कभी नहीं हो सकता।

वहीं दूसरी और एक इंटरव्यू में उन्होने सरकारी कार्यालयों में आरएसएस की शाखाओं पर बैन को लेकर कहा कि आरएसएस एक राजनीतिक संगठन है। अब यहां तक कि केंद्र सरकार भी इस तरह की गतिविधियों को अपनी अनुमति नहीं देती है। मध्‍य प्रदेश को छोड़कर किसी अन्‍य राज्‍य में इसकी अनुमति नहीं है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

congres

उन्होने कहा, यदि आरएसएस या बीजेपी हमारे चुनावी घोषणा पत्र से इतने ज्‍यादा व्‍यथित हैं तो उन्‍हें पीएम मोदी से कहना चाहिए कि वह अपने आदेश को वापस लें और आरएसएस शाखा को सेना, बीएसएफ और अन्‍य अर्द्धसैनिक बलों में अनुमति दें। यह धारणा गलत है कि आरएसएस हमारे चुनावी घोषणा पत्र के बाद सक्रिय हुआ।

राम मंदिर को लेकर उन्होने कहा, बीजेपी ने वर्ष 1990 के बाद बिना मंदिर मुद्दे के चुनाव नहीं लड़ा है। बीजेपी के लिए राम मंदिर निर्माण एक वादा नहीं है। उसके लिए यह मुद्दा हिंदुओं की भावनाओं के दोहन के लिए राजनीतिक अवसर बन गया है।

Loading...