मोदी कैबिनेट में मंत्री रामदास आठवले ने बुधवार को दलित उत्पीडन को लेकर कहा कि दलितों को हिंदू धर्म में न्याय नाही मिलने वाला. ऐसे में उन्हें बौद्ध मत अपना लेना चाहिए.

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री अठावले ने बाबासाहब अंबेडकर का जिक्र करते हुए ‘‘बाबासाहब अंबेडकर ने बौद्ध धर्म तब अपनाया जब उन्हें पूरी तरह भरोसा हो गया कि दलितों को हिंदू धर्म में न्याय नहीं मिलेगा. लाखों दलितों ने भी धर्म परिवर्तन किया.’’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा, अंबेडकर ने कट्टर ‘‘हिंदुत्ववादियों’’ को सुधार करने का मौका दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसलिए उन्होंने धर्म परिवर्तन किया. अठावले ने कहा, ‘‘सभी दलित अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए हिंदू धर्म छोड़ दें और बौद्ध धर्म अपना लें.’’

बीएसपी चीफ मायावती की ओर से कई बार हिंदू धर्म छोड़ने की धमकी को लेकर आठवले ने कहा, ‘मायावती को बार-बार धमकी देने की बजाय एक बार हमेशा के लिए बौद्ध धर्म अपना लेना चाहिए.’ अठावले के अनुसार मायावती देश के दलितों को एकमंच पर लाने में भी असफल रही हैं.

ध्यान रहे मायावती कई बार हिन्दू धर्म छोड़ने की धमकी दे चुकी है. हाल ही में 10 दिसंबर को नागपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, वह चेतावनी देती हैं कि समाज के पिछड़ वर्गों के प्रति हिंदूवादी संगठनों को बर्ताव नहीं सुधरा तो वह हिंदू धर्म त्याग कर बौद्ध हो जाएंगी और उनके करोड़ों समर्थक भी हिंदू धर्म का त्याग कर देंगे.