राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को झूठे आरोपों में फंसाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में एक विशेष सैल का गठन किया हुआ हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि इस सेल के जरिए मनगढ़ंत आरोप उछालकर कांग्रेस नेताओं की छवि ख़राब करने की कोशिशों की जा रही हैं. उनका ये बयान रॉबर्ट वाड्रा मामले में बीजेपी की और से लगाए गए आरोपों के बाद आया हैं.

दरअसल ढींगरा आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी की बेटी प्रियंका गाँधी और दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर बिना निवेश किये करोडो रुपये मुनाफा कमाने की अफवाह मीडिया में प्रसारित की गई हैं.

इस बारें में सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि अगर रिपोर्ट सरकार की ओर से लीक नहीं हुई है तो सिर्फ ढींगरा आयोग रिपोर्ट लीक कर सकता है. उनका कहना है कि इस रिपोर्ट का कोई कानूनी अस्तित्व नहीं है.

सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद रिपोर्ट से संबंधित पैरा लीक कराए गए हैं. उनका कहना है कि राबर्ट वाड्रा का नाम लीक रिपोर्ट में शामिल है जबकि ढींगरा आयोग की ओर से वाड्रा को एक भी नोटिस या समन नहीं भेजा गया है. ऐसे में बिना नोटिस कैसे रिपोर्ट में वाड्रा को शामिल किया गया है.

उनका कहना है कि ये सरकार जानबूझकर चुनकर प्रतिशोध की राजनीति करती जो उसकी पुरानी आदत है. ऐसा करते समय वे दो चीज भूल गई कि इस मामले में 23 नवंबर 2016 और 26 अप्रैल 2017 में हाईकोर्ट ने ढींगरा आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित न करने पर रोक लगाई है.

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