अयोध्या में हुआ राम मंदिर का निर्माण तो खुद रखूंगा जाकर नींव: फारूक अब्दुल्ला

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद केस को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नई बेंच के पास भेजने के फैसले के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि अयोध्या मुद्दे पर बैठकर हल निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवान राम सारी दुनिया के हैं, सिर्फ हिंदुओं के नहीं। इसे कोर्ट में क्यों घसीटा जा रहा है। अब्दुल्ला ने कहा कि ‘इस मुद्दे (अयोध्या मु्ददे) पर चर्चा होनी चाहिए, और इसे बातचीत की मेज़ पर बैठकर लोगों द्वारा हल किया जाना चाहिए। इसे कोर्ट में क्यों घसीटा जाना चाहिए?

उन्होने कहा, मुझे भरोसा है कि इसे बातचीत से हल किया जा सकता है। भगवान राम सारी दुनिया के हैं, सिर्फ हिन्दुओं के नहीं।” उन्होंने कहा कि “भगवान राम से किसी को बैर नहीं है, न होना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए सुलझाने की और बनाने की। जिस दिन यह हो जाएगा, मैं भी एक पत्थर लगाने जाऊंगा। जल्दी समाधान होना चाहिए।”

ध्यान रहे आज सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने मामले में सुनवाई की तारीख महज 30 सेकंड में दोनों पक्षों की दलीलें सुने बगैर आगे बढ़ा दी।

बेंच ने कहा कि मई बेंच अब इस मामले में अब आगे की आदेश जारी करेगी। केस में अगली सुनवाई अब 10 जनवरी को होगी। नई बैंच तय करेगी की रोजाना सुनवाई हो कि नहीं। अभी यह मामला प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था।

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