Friday, July 30, 2021

 

 

 

हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश, मुसलमानों को किया जा रहा बाहर: ओवैसी

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नागरिकता संशोधन बिल के मुद्दे पर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा से भीड़ गए. उन्होने सीधा आरोप लगाया कि हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश है, जिसके तहते मुसलमानों को बाहर किया जा रहा है.

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में ओवैसी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां सभी के लिए एक कानून है. ओवैसी ने हेमंत बिस्वा शर्मा से सवाल करते हुए पूछा कि क्या आपने संविधान की शपथ ली है. उनके हां कहने पर ओवैसी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुसार किसी भी धर्म के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता. हिंदू, ईसाई, बौद्ध, सिख को वात नहीं करते हैं केवल मुस्लिम शरणार्थियों को वापस भेजने की बात करते हैं. बंगाली मुसलमान और बंगाली हिंदू में कैसे भेद कर सकते हैं. ऐसा करना असंवैधानिक है.

ओवैसी ने कहा, ‘ मैं मान नहीं सकता कि सभी मुसलमानों को बाहर भेज दिया जाए’ इस पर हेमंत बिश्व शर्मा ने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि हम हिंदुओं को वापस पाकिस्तान भेज दें नरकीय जीवन जीने के लिए. ओवैसी ने पूछा कि फिर आपने शेख हसीना से क्यों कहा कि किसी को वापस नहीं भेजा जाएगा. ओवैसी ने कहा कि यह हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश है, जिसके तहते मुसलमानों को बाहर किया जा रहा है. वही, दूसरी तरफ नागरिकता संशोधन बिल के तहत हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन जैसे धर्म के लोगों को बसाने की कोशिश हो रही है. सरकार अगर शरणार्थियों को वापस भेजना चाहती है तो वह हिंदू हो या मुसलमान सभी को भेजा जाए.

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हालांकि हेमंत बिस्वा शर्मा ने नागरिकता संशोधन बिल पर कहा कि  राजनीति में कभी-कभी कड़े निर्णय लेने पड़ते हैं. हमने सिटीजनशिप के बारे में फैसला किया. इसके तहत जो हिंदू, बौद्ध, सिख जैन, पाक या बांग्लादेश में रह गए थे, उन्हें भारत की नागरिकता दी जानी है. हम हिंदुओं को केवल नागरिकता देने की बात कर रहे हैं, इस पर भी एतराज हो रहा है.

बिस्वा ने कहा कि जो बांग्लादेशी मुसलमान हैं, उन्होंने यहां अवैध रूप से बस कर  हमारी राजनीति पर कब्जा कर लिया है.

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