ट्रिपल तलाक पर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए बिल को विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है. हालांकि कांग्रेस ने ये समर्थन शर्तों के साथ दिया है.

कांग्रेस ने बिल का समर्थन करते हुए मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इसे और मजबूत बनाने की मांग की है. पार्टी ने इस प्रस्तावित कानून को और मजबूत बनाने के लिए कुछ सुझाव भी दिए है. महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता देने की बात कही गई है. किंतु गुजारे भत्ते के निर्धारण का तौर तरीका नहीं बताया गया है. सरकार को इस बारे में व्याख्या करनी चाहिए.

सुष्मिता ने कहा कि 1986 के मुस्लिम महिला संबंधी एक कानून के तहत तलाक पाने वाली महिलाओं को गुजारा भत्ता मिल रहा है. उन्होंने कहा, नए कानून के कारण उन्हें यह गुजारा भत्ता मिलना बंद न हो जाए.

उन्होंने कहा कि मौजूदा विधेयक में तीन तलाक साबित करने की जिम्मेदारी महिला पर डाली गई है. ऐसे में  गरीब महिलाएं यह साबित करने के लिए अदालतों के चक्कर लगाती रहेंगी कि उन्हें तीन बार तलाक दिया गया कि नहीं. उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी पति पर क्यों नहीं डाल दी जानी चाहिए.

कांग्रेस की और से बिल को समर्थन पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने इसे विपक्ष की बड़ी हार करार देते हुए कहा, हम कांग्रेस के सुझाव पर विचार करेंगे लेकिन अभी सबसे बड़ी बात तो यही है कि पार्टी ने हमें समर्थन किया है जो विपक्ष की बड़ी हार है.

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