कांग्रेस ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गलवान घाटी की स्थिति को लेकर 4 सवाल पूछे। इसके साथ ही कहा कि देश इन सवालो के जवाब चाहता है। पार्टी ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या अपने क्षेत्र में ही एक बफर जोन का निर्माण किया जा रहा है और गलवान घाटी पर दावे को कमजोर किया जा रहा है।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, “प्रिय प्रधानमंत्री, 1. क्या आप हमारे क्षेत्र में बफर जोन का निर्माण कर रहे हैं? 2. क्या आप हमारी सेना को पीछे कर रहे हैं? 3. क्या आप पीपी-14 को भारतीय सेना का होने से समझौता कर रहे हैं? 4. क्या आप गलवान घाटी में भारत के दावे को कमजोर कर रहे हैं? भारत जवाब चाहता है।”

उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक न्यूज रपट का हवाला दिया। बता दें, सैन्य कमांडरों के बीच समझौते के मुताबिक एलएसी के दोनों ओर कम से कम 1.5 किमी की दूरी पर एक बफर जोन बनाया जाना था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना के तहत दोनों देश को अपने बफर जोन में दो टेंट पोस्ट को बनाए रखने की अनुमति है।

फॉरवर्ड टेंट पोस्ट वाई जंक्शन से 1.4 किलोमीटर की दूरी पर होगा। वहीं, दूसरा टेंट पोस्ट 1.6 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यानी दोनों पोस्ट वाई जंक्शन से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर होंगे। समझौते के अनुसार, भारत और चीन दोनों को अपने फॉरवर्ड ‘टेंट पोस्ट’ में 30 सैनिकों और शेष टेंट पोस्ट में 50 सैनिकों को बनाए रखने की अनुमति है।

गौरतलब है कि सीमा पर तनाव कम होने के पहले संकेत के रूप में चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में कुछ इलाकों से अपनी सीमित वापसी शुरू कर दी है। इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ई ने टेलीफोन पर बात की जिसमें वे एलएसी से सैनिकों के तेजी से पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए।

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