मध्यप्रदेश में सरकार बनने पर कांग्रेस की और से आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात को मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने सोमवार को खारिज कर दिया। उन्होने कहा कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही और न ही इस तरह की उनकी कोई मंशा है।

कमलनाथ ने कहा कि भाजपा जानबूझकर इस तरह के मुद्दों को हवा देकर जनता को भ्रमित करना चाहती है, ताकि हमारे ‘वचन पत्र’ के जनहितैषी मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने कभी नहीं कहा कि हम आरएसएस पर प्रतिबंध लगाएंगे। न हमारी ऐसी मंशा है। मैंने या कांग्रेस पार्टी ने कभी नहीं कहा कि हम आरएसएस पर प्रतिबंध लगायेंगे।”

कमलनाथ ने कहा, ‘‘सरकारी स्थानों को छोड़कर आरएसएस को शाखाएं लगाने की पूरी छूट है।” उन्होंने कहा कि यह जनता तय करेगी कि आरएसएस सामाजिक संगठन है या राजनीतिक। हम इसमें नहीं पड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में सुझाव आये थे कि आदिवासी छात्रावासों एवं अन्य सरकारी स्कूलों में, जहां आरएसएस की शाखाएं लग रही हैं वहां बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इसके बाद हमने अपने ‘वचन पत्र’ में इस बिंदु को शामिल किया।

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 बता दें कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपने घोषणा पत्र में कहा है कि अगर राज्य में उसकी सरकार बनी तो वह सरकारी परिसर में शाखा लगने पर पाबंदी लगाएगी और सरकारी कर्मचारियों को अारएसएस की शाखा में शामिल होने की अनुमति नहीं देगी।

द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम नेे कहा, ‘आरएसएस एक राजनीतिक संगठन है। मध्य प्रदेश में संघ की शाखा में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर रोक लगानेे में कुछ भी गलत नहीं है। सरकारी कर्मचारी जब तक सेवा में रहते हैं,उन्हें किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं होना चाहिए।’

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