umaar kasmi

दिल्ली: देश के हज़ारों-करोड़ लेकर फरार हुए शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाक़ात को लेकर कांग्रेस नेता मुहम्मद उमर कासमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वित्तमंत्री अरुण जेटली को पद से हटाने की मांग की है।

उन्होने कहा कि ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और अब विजय माल्या के देश से भागने के सबंध मे मोदी सरकार की पूरी भूमिका ही सवालों के घेरे में है। इन सभी के बारें में मोदी सरकार को पहले से जानकारी थी। लेकिन बावजूद उन्हे पकड़ा नहीं गया।

कासमी ने बताया कि माल्या के सबंध में भी अब सच्चाई से पर्दा उठ चुका है। विजय माल्या का जेटली से विदाई लेकर जाना सब कुछ बयान करता है। उन्होने संसद के केंद्रीय हॉल में माल्या और जेटली की मुलाक़ात की सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की।

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कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि ‘मोदी सरकार में कौन वो व्यक्ति है जिसने सीबीआई और दूसरे बैंकों को मजबूर किया कि वो माल्या का पासपोर्ट जब्त करवाने के लिए समय रहते हुए कोई मुकदमा दायर नहीं करें?’ साथ ही माल्या को देश छोडने की किसने सलाह दी थी।

उन्होने ये भी कहा कि आखिर माल्या के खिलाफ गिरफ्तारी नोटिस को किसने बदला? यह काम वही कर सकता है जो सीबीआई को कंट्रोल करता है। कासमी ने कहा कि 19 अगस्त 2014 को सेबीआई ने एक नोटिस जारी किया था, जिसमें विजय माल्या को जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाला बताया था।

इसके बाद सितंबर 2014 में यूनाइटेड बैंक ने भी ऐसा ही नोटिस जारी किया था। इसके बाद 2015 में सीबीआई और एसएफआईओ ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। फिर सीबीआई अब यह कैसे कह सकती है कि उनके पास सबूत नहीं थे।