Thursday, January 20, 2022

अरशद मदनी की भागवत से मुलाकात पर कांग्रेस नेता इमरान मसूद भड़के

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी की पिछले दिनों हुई मुलाकात को लेकर कांग्रेस के यूपी  प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद भड़क उठे है।

उन्होने फेसबुक पर पोस्ट में लिखा है, “अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली संस्था के प्रतिनिधि आरएसएस की चौखट पर क्यों गए और अंग्रेजों के दोस्तों से हाथ मिलाने की मजबूरी क्यों आई?”

इमरान ने लिखा कि ‘संघ के मुख्यालय पर घुटने टेकने क्यों चले गए, किस समझौते के तहत गए।’ यह भी लिखा कि दारुल उलूम देवबंद की प्रतिष्ठा के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस पर किसी राष्ट्रीय हस्ती को आमंत्रित करने के बजाए डीएम और एसएसपी से ध्वजारोहण कराना, इस बात का प्रतीक है कि हमारी गौरवशाली संस्थाएं ‘कितने जिम्मेदार हाथ में’ हैं।

इस पर बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने इमरान मसूद का विरोध किया। उन्होने कहा कि मौलाना अरशद मदनी के विरोध का कोई अधिकार नहीं है। दारुल उलूम, जमीयत उलमा को बुरा भला कहना इमरान की दूषित मानसिकता को व्यक्त करता है।

उन्होंने कहा कि उलमा की तौहीन करने वालों को कौम कभी माफ नहीं करेगी। राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले उलमा का विरोध कर रहे हैं। मौलाना अरशद मदनी और संघ प्रमुख की मुलाकात भाईचारे के संबंध में हुई है। उलमा और संस्थाओं की जिम्मेदारी इमरान तय नहीं कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इमरान मसूद और उनके परिवार ने हमेशा अपने राजनीतिक लाभ के लिए उलमा को बुरा भला कहा है और हिंदू-मुस्लिम को बांटने के लिए ऐसी बयानबाजी करते हैं।

सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि नफरत भरे माहौल में भाईचारे को मजबूत करने की पहल में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि भाईचारे को मजबूत करने के लिए कोई भी व्यक्ति या संस्था लाभदायक हो सकती है।

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