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ऑल इंडिया मुस्लिम इत्तेहादुल-ए-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी द्वारा मुस्लिम सैनिकों की शहादत पर हो रहे भेदभाव वाले बयान को कांग्रेस नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने सही बताया है.

संदीप दीक्षित ने बुधवार को कहा, ‘मुसलमान भी दूसरे धर्मों (हिंदुओं) के लोगों की तरह ही देश सेवा में अपना योगदान देते हैं. लोग कहते हैं कि मुसलमानों में देशभक्ति नहीं होती है और वो देश से प्रेम नहीं करते. लेकिन जब वो सेना में जाते हैं तो उनकी देशभक्ति अपने आप साबित हो जाती है.’

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उन्होंने तंज करते हुए कहा कि मुस्लिमों के कपड़े कहते हैं कि वो राष्ट्र विरोधी हैं और राष्ट्र को प्यार नहीं करते, वो देशभक्त नहीं होते. दीक्षित ने कहा कि यह पूरी तरह से सांकेतिक है कि अगर आप आर्मी में हैं तो आप राष्ट्रभक्त हैं. मुझे लगता है कि ओवैसी जी भी यही कहना चाहते थे.

ध्यान रहे ओवैसी ने जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद कहा कि “7 में से 5 लोग जो मारे गए हैं वो कश्मीरी मुसलमान थे. अब इस पर क्यों कुछ नहीं बोला जा रहा है. इससे सबक हासिल करना पड़ेगा उन लोगों को जो मुसलमानों की वफादारी पर शक करते हैं, जो उनको आज भी पाकिस्तानी कह रहे हैं. हम तो जान दे रहे हैं.”

उन्होंने सवाल उठाया कि रोज रात में 9 बजे टीवी चैनल के ऊपर मुसलमानों की नेशनलिज्म पर सवाल उठाये जाते हैं, कश्मीरियों पर इल्जाम लगाये जाते हैं, अब 7 में से 5 मरने वाले कश्मीरी मुसलमान हैं, अब इसके ऊपर क्यों नहीं बोला जा रहा है कि मरने वाले भी कश्मीरी मुसलमान हैं, इस पर पूरे मुल्क में खामोशी क्यों हैं, सन्नाटा क्यों हैं?

इस मामले में बुधवार को सेना ने कहा कि वो धर्म के आधार पर शहीदों से कभी भेदभाव नहीं करते. उन्होंने कहा कि ऐसा कहने वाले और ऐसी सोच रखने वाले सेना को ठीक से जानते नहीं हैं.

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