आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस ने असम में 5 पार्टियों के साथ गठबंधन कर उतरने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने बताया कि कांग्रेस आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और आंचलिक गण मोर्चा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

राज्यसभा सांसद ने कहा, ‘हमारे दरवाजे सभी भाजपा विरोधी दलों के लिए खुले हैं और हम क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को भाजपा के साथ हमारी लड़ाई के लिए हाथ मिलाने के लिए आमंत्रित करते हैं।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्य और राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में सभी सांप्रदायिक शक्तियों को बाहर करने का बीड़ा उठाया है। बोरा ने कहा कि पार्टी ने आगामी असम चुनावों को राज्य के लिए बहुत गंभीरता से समझा है और वरिष्ठ नेताओं के हाथ कमान है।

बोरा ने कहा कि हमारे केंद्रीय नेताओं ने जमीनी स्तर पर राज्य स्तरीय पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया और भाजपा को चुनौती देने का निर्णय लिया गया। नेता ने कहा कि राज्य की संस्कृति, भाषा, पहचान और विरासत को बचाने के हित में कांग्रेस सभी दलों का स्वागत करती है। आए और भाजपा से लड़े।

वहीं एआईयूडीएफ के महासचिव अमीनुल इस्लाम ने कहा कि असम के लिए महागठबंधन काफी अच्छा है क्योंकि यही लोगों की इच्छा और आकांक्षाओं को पूरा करेगा। आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) के अध्यक्ष और राज्य सभा सदस्य अजीत कुमार भूइया ने महागठबंधन के गठन को एक एतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि ये गठबंधन भाजपा को हराने में जरूर कामयाब होगा।

वहीं केरल में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूडीएफ की अगुआई पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी करेंगे। कांग्रेस ने मंगलवार को चांडी की अध्यक्षता में एक 10 सदस्यीय चुनाव प्रबंधन एवं रणनीति समिति की घोषणा की।