कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आर्थिक आतंकियों और भगोड़ों को सुरक्षित रास्ता देने का आरोप लगाते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली का इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस का आरोप है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली की बेटी सोनाली जेटली और उनके पति को मेहुल चौकसी की कंपनी ने 24 लाख में बतौर रिटेनर Hire किया था।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि देश का पूरा ढांचा आर्थिक आतंकवादियों को संरक्षण देने का काम कर रहा है।पायलट का कहना है कि साल 2016 में पीएमओ की तरफ से सभी शिकायतें वित्त मंत्री अरुण जेटली के भेजे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दिसंबर, 2017 में सोनाली जेटली और जयेश के जेटली एसोसिएट्स को गीतांजलि जेम्स ने 24 लाख की रिटेनरशिप का भुगतान किया। 1 जनवरी, 2018 को नीरव मोदी और 4 जनवरी को मेहुल के भारत छोड़ने के बाद 31 जनवरी को सीबीआई ने मेहुल और अन्य पर पहली एफआईआर दर्ज की। वहीं 15 फरवरी, 2018 को इस मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई।

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पायलट के मुताबिक जब ईडी पूरे देश में मेहुल चोकसी और नीरव मोदी की संपत्तियों पर छापेमारी कर रही थी और जिन लोगों ने मेहुल और नीरव मोदी से उधार ले रखा था, वे भारत सरकार को पैसे जमा करा रहे थे। लेकिन जेटली एसोसिएट्स ने 20 फरवरी को रिटेनरशिप के पैसे भारत सरकार को देने की जगह मेहुल के गीताजंलि जेम्स के मुंबई स्थित आईसीआईसीआई बैंक के खातों में जमा करा दिए। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और एसएफआईओ ने सोनाली जेटली और उनके पति को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विरोधियों के खिलाफ ED, CBI का भयंकर इस्तेमाल कर रही है लेकिन अपनों पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। सचिन पायलट बोले कि सीबीआई का खुद का दामन साफ नहीं है तो किस मुंह से भारत सरकार और सीबीआई अब भ्रष्टाचार वाले मामलों की जांच कर सकती है।

पायलट ने कहा, देश में जितने भगौड़े हैं, उनकी वकालत के लिए वही लोग सामने क्यों आते हैं, जो सत्ता से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, माल्या ने भी लंदन भागने से पहले अरुण जेटली से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका जवाब देना चाहिए कि फ्रॉड्स के साथ उनकी सरकार का कनेक्शन क्यों है?

पायलट ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में वह खाने भी दे रहे हैं और भागने में भी मदद कर रहे हैं। जनवरी 2018 तक मोदी राज में 90 हजार करोड़ के 19000 बैंक घोटाले दर्ज हो चुके हैं।

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