अब विधानसभा चुनाव में आंबेडकर-ओवैसी को नजरअंदाज नहीं कर सकती कांग्रेस और NCP

10:43 am Published by:-Hindi News

महाराष्ट्र में दलित नेता प्रकाश आंबेडकर और AIMIM नेता असदउद्दीन ओवैसी को नकारना कांग्रेस और NCP को ले डूबा। दोनों ही पार्टियों के बड़े-बड़े दिग्गजों को अपनी सीटों से हाथ धोना पड़ गया। ऐसे में अब साफ है कि आगामी विधानसभा चुनावों में दोनों ही पार्टी दोनों नेताओं को नजरंदाज करने की भूल नहीं करेगी।

दरअसल,  आंबेडकर और असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन ने राज्य में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को करीब 15 सीटों पर भारी नुकसान पहुंचाया। यह गठबंधन पूरी मजबूती से लड़ा और 40 लाख से ज्यादा वोट खींच ले गया जिसके कारण कांग्रेस को करीब छह, राकांपा को दो और उनके सहयोगी दल स्वाभिमानी शेतकरी संगठन को दो सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा।

आंबेडकर-ओवैसी के वंचित बहुजन आघाड़ी गठबंधन का नुकसान औरंगाबाद में शिवसेना को भी उठाना पड़ा, जहां उसके दिग्गज नेता चंद्रकांत खैरे चुनाव हार गए और वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवार एमआइएम विधायक इम्तियाज जलील 3,89,042 मत पाकर जीत गए। इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार चौथे स्थान पर जा पहुंचा।

gujarat election

आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी को करीब आधा दर्जन सीटों पर डेढ़ लाख से ज्यादा और लगभग इतनी सीटों पर एक लाख से ज्यादा वोट मिले। 50 हजार से अधिक मत तो उसे कई सीटों पर हासिल हुए। आंबेडकर खुद सोलापुर और अकोला दो सीटों से चुनाव लड़े थे।

सोलापुर में कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की हार का कारण आंबेडकर को 1,70,007 वोट मिलना रहा । यहां जीत हुई भाजपा उम्मीदवार डॉ. जय सिद्धेश्र्वर महास्वामी की। अकोला सीट पर भी प्रकाश को 2,78,848 वोट मिले। यहां वह भाजपा उम्मीदवार संजय धोत्रे की जीत में मददगार साबित हुए। नांदेड़ में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण की हार में भी वंचित बहुजन आघाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

माना जा रहा है कि आंबेडकर ने लोकसभा चुनाव में अपनी ताकत दिखाकर कुछ ही महीनों बाद होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए अपनी जमीन तैयार कर ली है।

खानदानी सलीक़ेदार परिवार में शादी करने के इच्छुक हैं तो पहले फ़ोटो देखें फिर अपनी पसंद के लड़के/लड़की को रिश्ता भेजें (उर्दू मॅट्रिमोनी - फ्री ) क्लिक करें