रामनवमी समारोह में धारदार हथियारों के साथ बीजेपी नेताओं के शामिल होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वे राजनेता जो पूजा के नाम पर हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे सच्ची भारतीय संस्कृति से अनजान हैं.

श्चिम बर्धमान को राज्य का 23वां जिला घोषित किये जाने के मौके पर उन्होंने कहा, ये समारोह हजारों साल से आयोजित हो रहे हैं. लेकिन इसमें राजनीतिक दल और नेता क्यों शामिल हो रहे हैं. राजनीति और धर्म को नहीं मिलाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, बंगाल को जाने दीजिए, वे (बीजेपी नेता) देश की संस्कृति से भी अवगत नहीं हैं. यदि वे सही से परंपरा और संस्कृति को जानते तो तलवार लेकर लोगों को डराने के बजाय मंदिर में भगवान की पूजा करते.

ममता ने कहा, यह कौन-सा बीजेपी का नया नाटक है. सभी चीजें ठीक हैं, लेकिन मैं राज्य में दंगा बर्दाश्त नहीं करूंगी. यदि कोई सामुदायिक दंगा भड़काने की कोशिश करता है तो उन्हें यह जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी और इसके परिणाम का सामना करना होगा.

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दरअसल, संघ परिवार की और से बड़े पैमाने पर पुरे राज्य में रामनवमी पर रैलियां निकाली गई. इस दौरान स्कूली बच्चों तक को हाथों में धारदार हथियार थमा दिए गए. बीजेपी के राज्य प्रमुख दिलीप घोष भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में निकाली गई रैली में तलवार लेकर शामिल हुए. जिस पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया हैं.

ममता ने गुरुवार को कहा कि पुलिस की इजाजत के बिना जिन्होंने हथियार लिए थे उन राजनेताओं के खिलाफ कानून अपना काम करेगा.

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