आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने जिन्ना से उनकी तुलना को गलत बताया। उन्होनेकहा कि उनकी तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से नहीं की जानी चाहिए। सांसद ने कहा कि वह हमेशा भारत के संविधान में विश्वास करते हैं और उसका अनुपालन करते हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में जिन्ना की तस्वीर हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होने कहा कि बेशक वहां से उनकी तस्वीर हटा दी जाए। इससे उनको कोई लेना-देना नहीं है। हमने हमेशा संविधान की बात की है, देश की बात की है।

ओवैसी ने कहा कि वह मुस्लिमों की राजनीति नहीं करते, लेकिन वो दबे कुचले और शोषित लोग हैं इसलिए उनके उत्थान की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को हमेशा केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया है। यही कारण है कि देश की आजादी के 70 साल बाद भी इस वर्ग का विकास नहीं हो पाया है। कश्मीरी पंडितों के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि उनकी घर वापसी होनी चाहिए।

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शहीद होने वाले सुरक्षाबलों की गिनती करने वाले अपने विवादित बयान पर ओवैसी ने कहा कि अगर मैं शहीदों की संख्या की बात करता हूं तो उसमें किसी को आपत्ति क्या है अगर मरने वालों में कितने मुस्लिम शहीद हुए हैं यह बात उठाई जाती है तो इसमें किसी को एतराज नहीं होना चाहिए क्योंकि उससे देशभक्ति की भावना का पता चलता है कि मुस्लिमों में भी देशभक्ति की भावना कम नहीं।

इसके साथ ही ओवैसी पीएम मोदी पर हमला बोलना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की आवाम को निराश किया है। जो वादे उन्होंने चुनाव से पहले किए थे वो आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। वहीं एनआरसी के मुद्दे पर बोलते ही ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट में नहीं आए हैं, उनको घुसपैठिया कहना गलत है।

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