aman

aman

दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी से मारपीट करने के आरोप में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने जामियानगर थाने में जाकर सरेंडर कर दिया. जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. अमानतुल्लाह खान के साथ एक और विधायक प्रकाश जरवाल को भी कोर्ट में पेश किया गया.

इस दौरान सरकारी वकील ने दोनों के खिलाफ रिमांड की मांग करते हुए कहा कि प्रकाश जारवाल और अमानतुल्ला को एक साथ बैठाकर पूछताछ करने और चीफ सेक्रेटरी से मारपीट करने के पीछे क्या उद्देश्य था. इस बारे में भी पुलिस जांच करने के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड चाहती है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

तो वहीँ अमानतुल्ला और प्रकाश जारवाल के वकील ने कहा कि मेडिको लीगल केस 9 घंटे के बाद किया गया और 11 विधायक पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, तो पुलिस रिमांड की क्या जरूरत है. इन विधायकों के पास कुछ बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में अदालत ने रिमांड की मांग को ख़ारिज कर दिया.

सरेंडर होने से पहले अमानतुल्ला ने मीडिया के सामने कहा कि मुख्य सचिव बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं. विधायक ने कहा कि ‘मुख्य सचिव के मारपीट का आरोप गलत है. उनके खिलाफ मारपीट का एक भी सबूत नहीं है.  हम भी विधायक हैं. हमारी बात नहीं सुनी जा रही है.
आपको बता दें कि सोमवार देर रात सीएम केजरीवाल के आवास पर हुई बैठक को लेकर मुख्य सचिव ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि सोमवार देर रात सीएम केजरीवाल के आवास पर उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया गया था. इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने उन पर सरकारी विज्ञापन रिलीज करने का दबाव बनाया और जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उनके साथ बदसलूकी की गई. उनके साथ मारपीट भी की गई.
Loading...