हैदराबाद | कहते है की ज्यादातर लोग राजनीती को समाज सेवा के लिए नही बल्कि बिज़नस के तौर पर चुनते है. ऐसे नेताओं को राजनीती जैसे बिज़नस से ज्यादा फायदा और किसी कारोबार में नही दिखता. इसके अनेको उदाहरण देखने को मिल जायेंगे जहाँ राजनितिक लोगो को संपत्ति कुछ ही सालो में कई गुणा बढ़ जाती है. उत्तर प्रदेश चुनावो में सबसे बड़ा मुद्दा बने गायत्री प्रजापति, इसके सबसे ताजा उदहारण है.

2002 में बीपीएल कार्ड धारी प्रजापति खनन मंत्री बनने के कुछ सालो बाद ही करोडपति बन गए. कुछ ऐसे बड़े नेता भी है जिन पर अभी भी आय से अधिक संपत्ति रखने के मुक़दमे चल रहे है. इनमे शशिकला से लेकर मुलायम सिंह यादव का नाम शामिल है. एक ऐसे ही मामले में आन्द्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू के बेटे पर आरोप लगा है की उनकी संपत्ति कुछ ही महीनो में 23 गुना बढ़ गयी.

अंग्रेजी अख़बार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक चंद्रबाबू नायडू के बेटे और तेलगुदेशम पार्टी के महासचिव नारा लोकेश ने एम्एलसी सीट के लिए चुनाव आयोग में जो नामांकन दाखिल किया है उसके अनुसार उनकी कुल संपत्ति 330 करोड़ रूपए बताई गयी है. इससे पहले अक्टूबर 2016 में उन्होंने अपनी संपत्ति 14.50 करोड़ रूपए बतायी थी.

चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे में लोकेश ने बताया की उनके पास हेरिटेज फूड्स के 273 करोड़ रूपए के शेयर, फिक्स्ड डिपाजिट में 18 करोड़ , पैतृक संपत्ति के तौर पर 38.52 करोड़ रूपए की संपत्ति है. इस हलफनामे में लोकेश ने बताया की उन्होंने करीब साढ़े छह करोड़ रूपए का लोन भी लिया हुआ है. मालूम हो की लोकेश हेरिटेज फ़ूड के कार्यकारी निदेशक भी रह चुके है.

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