मुज़फ़्फ़रनगर । 2013 में मुज़फ़्फ़रनगर में हुए सांप्रदायिक दंगो ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इन दंगो में क़रीब 62 लोग मारे गए जबकि 50 हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गए। उस समय कई भाजपा नेताओ पर भड़काऊ भाषण देकर दंगो को भड़काने का आरोप लगा। इसमें वर्तमान गन्ना मंत्री सुरेश राणा और विधायक संगीत सोम शामिल थे। तत्कालीन अखिलेश सरकार ने दोनो नेताओ के ख़िलाफ़ रासुका में मामला दर्ज किया।

लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद दोनो नेताओ पर से रासुका हटा ली गयी। चूँकि अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है इसलिए उम्मीद की जा रही है की दोनो नेताओ को उक्त मामले में राहत मिल सकती है। हाल फ़िलहाल के आदेशों को देखा जाए तो इस बात के संकेत भी मिलने शुरू हो गए है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ योगी सरकार दंगो में आरोपी भाजपा नेताओ पर से मुक़दमे वापिस ले सकती है।

मीडिया में आ रही इन ख़बरों के बीच, पाटिदार आरक्षण आंदोलन के अगुवा रहे हार्दिक पटेल ने योगी सरकार पर हमला बोला है। बेहद तीखे शब्दों में उन्होंने कहा की अगर सुबह का गुंडा शाम तक भाजपा में आ जाए तो उसे गुंडा नही कहते। बता दे की इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ख़ुद पर चल रहे 22 साल पुराने एक मुक़दमे को वापिस ले लिया था।

हार्दिक पटेल ने ट्वीट के ज़रिए कहा,’ मुज़फ्फरनगर दंगों के आरोपी भाजपा नेताओं के केस उत्तर प्रदेश सरकार वापस ले सकती है !! सरकार चल रही है या मज़ाक़ हो रहा हैं।सुबह का गुंडा शाम को भाजपा में जुड़ जाए तो उसे गुंडा नहीं कह सकते,यह सही साबित हो गया हैं।संविधान से देश नहीं चल रहा,भाजपा नेताओ की मनमानी से देश चल रहा हैं।’

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