हड़ताल और दबाव के जरिए भी नहीं बचाए जा सकते अवैध बूचडख़ानें: नकवी

उत्तरप्रदेश में अवैध बूचडख़ानों पर हो रही कारवाई पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया हैं कि योगी सरकार में इस में कोई राहत नही देने वाली.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद नदीमुल हक द्वारा राज्यसभा में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के सवाल पर कहा, ‘यह वैधता और अवैधता (बूचड़खाना) का मामला है. अवैध बूचड़खाने न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी खतरनाक हैं.’ उन्होंने आगे कहा,  ‘किसी भी तरह का दबाव या हड़ताल इन अवैध बूचड़खानों को बंद होने से नहीं रोक सकता.’

नकवी ने  कहा कि जो भी कार्रवाई हो रही है वह केवल अवैध बूचडख़ानों के खिलाफ हो रही है और कानूनी रूप से चलाए जा रहे बूचडख़ानों को छुआ भी नहीं जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का स्वागत किया जाना चाहिए.

दरअसल, हक ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है दूसरी ओर देश के कई हिस्सों से बूचडखानों के खिलाफ कार्रवाई की खबर आ रही है. सरकार की इस कारवाई से लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं और उनकी जीविका प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि ‘लोग क्या खाएं और क्या न खाएं’ ये सरकार नहीं तय कर सकती.

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