आल इंडिया मजलिस इत्तेहाद-ए-मुस्लेमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बदायूं में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेप पीड़िया का नाम उजागर कर दिया. उन्होंने एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए 2013 में मुजफ्फरनगर में दंगों की रेप पीड़िताओं का नाम सार्वजनिक कर दिया.

ओवैसी ने एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीड़िता का नाम तीन बार लिया, उन्होंने कहा कि महिला के साथ उसके चार वर्ष के बेटे के सामने रेप किया गया. ओवैसी ने कहा कि मासूम बच्चे का सामने महिला का रेप होता रहा और बच्चा बेहोश हो गया.

उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों ने महिला के बच्चे को बंदूक की नोक पर रखा और उसकी मां के साथ रेप किया गया, बच्चे को जान से मारने की धमकी दी गई. महिला को इस बात की भी धमकी दी गई कि अगर उसने किसी की भी कोर्ट में पहचान की तो बच्चे को जान से मार दिया जाएगा. वहीं एक अन्य रेप पीड़िता के पति ने बताया कि उसे अभी तरह की कोई मदद नहीं मिली है.

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लोकसभा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन महिलाओं को इंसाफ नहीं दिला सके, वह लोगों से वायदे कर रहे हैं कि वह प्रेशर कुकर, घीर बाटेंगे, लेकिन इन चीजों का क्या मतलब जब वह महिलाओं को सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकते हैं.

ओवैसी ने कहा कि अखिलेश सरकार का 18 प्रतिशत मुस्लिमों को आरक्षण देने का वायदा झूठा साबित हुआ है. तेलंगाना, आंध्र, कर्नाटक में जब मुस्लिमों के लिए आरक्षण है तो फिर उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं. उन्होंने युवाओं को रोजगार देने, भ्रष्टाचार रोकने, अपराध रोकने में प्रदेश सरकार को पूरी तरह नाकाम बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बलात्कार के मामले 200 प्रतिशत बढ़े हैं.

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