Friday, June 25, 2021

 

 

 

कांग्रेस को बीजेपी से हाथ मिलाना पड़ सकता है महंगा, बीटीपी ने वापस ल‍िया गहलोत सरकार से समर्थन

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आदिवासी बहुल उदयपुर संभाग के डूंगरपुर जिले में भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) को रोकने के लिए कांग्रेस को बीजेपी से हाथ मिलाना महंगा साबित हो सकता है। दरअसल, भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने गहलोत सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है।

बीटीपी के राजस्थान के डुंगरपुर से दो विधायक हैं, जो कि गहलोत सरकार का समर्थन करते हैं। दोनों विधायकों ने शुक्रवार को राजस्थान सरकार से समर्थन वापस लेने की बात कही है। बीटीपी विधायकों के समर्थन से ही अगस्त के महीने में तत्कालीन डिप्टी सीएम सचिन पायलट के विद्रोह की वजह से संकट में आई सरकार गहलोत बच पाई थी।

लेकिन अब बीटीपी कांग्रेस के धोखे से नाराज है। BTP नेता छोटूभाई वसावा ने कहा कि ‘BJP-कांग्रेस एक हैं…राजस्थान सरकार से BTP पार्टी अपना समर्थन वापस लेगी।’ उन्होने कहा कि ‘#BJP-कांग्रेस एक हैं इसलिए क्षेत्रीय पार्टीयो को सत्ता से दूर करने के लिए कांग्रेस-BJP एक दूसरे का विरोध कर क्षेत्रीय पार्टीयों से गठबंधन कर उन्हें खत्म करती हैं। इसलिए यह लोग तीसरे मोर्चे की बात करते हैं। इसलिए वह चुनाव के नतीजो में पहले नही होता…अब पहला मोर्चा बनेगा जो पहले स्थान पर रहेगा।’

जिला परिषद चुनाव में बीटीपी ने 27 निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया था, इनमें से 13 ने जीत हासिल की थी। जबकि भाजपा को 8 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं। माना जा रहा था कि जिला प्रमुख पद पर बीटीपी को आसानी से जीत हासिल हो जाएगी। इसके लिए बीटीपी समर्थित सभी 13 जिला परिषद सदस्यों ने अपनी उम्मीदवार पार्वती डोडा को समर्थन दिया। लेकिन भाजपा-कांग्रेस के सदस्यों ने भाजपा की सूर्यादेवी के पक्ष में वोट किए और बीटीपी की प्रत्याशी पार्वती देवी एक मत से हार गईं।

सूर्य अहरी खुद आदिवासी हैं और 12वीं तक पढ़ाई कर चुकी हैं। वे डुंगरपुर के गलियाकोट पंचायत समिति की पूर्व प्रधान रही हैं। जिला परिषद के प्रमुख पद के लिए उन्हें भाजपा और कांग्रेस की वजह से 14 वोटों के साथ बहुमत मिला। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिनेश खोडनिया ने बीटीपी को रोकने के लिए यह कदम उठाया।

खोडनिया का मानना था कि यदि बीटीपी का जिला प्रमुख बन गया तो अगले पांच साल में कांग्रेस-भाजपा का यहां सफाया हो जाएगा। ऐसे में इसे रोकना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभु पण्ड्या से बात की और तय रणनीति के तहत यहां भाजपा का जिला प्रमुख निर्वाचित हो पाया। डूंगरपुर के कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिनेश खोडनिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी राजनेताओं में से एक हैं।

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