लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावो में अप्रत्याशित नतीजे आने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम् में छेड़छाड़ का मामला उठाते हुए कहा था की बीजेपी ने ईवीएम् में छेड़छाड़ कर जीत हासिल की है. चूँकि नतीजे 11 मार्च को आये थे इसलिए मायावती ने हर महीने की 11 तारीख को काला दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया था. इसी क्रम में मंगलवार को बसपा कार्यकर्ताओ ने पुरे देश में धरना प्रदर्शन किया.

पार्टी की और से पहले ही सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दे दिया गया था की कार्यकर्ताओ को साथ लेकर हर जिले में जिलाधिकारी के सामने करीब 4 घंटे धरना देना है. प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने बताया की दिए गए निर्देशों के आधार पर सभी जिलाध्यक्षो ने सभी जिलो के अन्दर धरना प्रदर्शन किया. यह क्रम अगले महीने भी दोहराया जायेगा. उधर मायावती ने ईवीएम् छेड़छाड़ मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाया है.

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राज्यसभा में मायावती ने बीजेपी को बेईमान पार्टी बताते हुए कहा की ईवीएम् में गड़बड़ी कराकर बीजेपी ने चुनाव जीता है. इसी मुद्दे को लेकर बसपा ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की है. हालाँकि सुप्रीम कोर्ट में पहले ही इसी मामले को लेकर एक याचिका डाली जा चुकी है. जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है.

इससे पहले सोमवार को 16 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर अपनी मांग उनके सामने रखी. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मांग की , की आने वाले विधानसभा चुनावो को 50 फीसदी ईवीएम् से और 50 फीसदी बैलेट पत्रो से कराये जाए. इससे दूध का दूध और पानी का पानी होने में मदद मिलेगी. इसके अलावा उन्होंने सभी बूथों पर VVPAT मशीन लगाने की भी मांग की. हालाँकि चुनाव आयोग ने एक बार फिर दोहराया की ईवीएम् में छेड़छाड़ नामुमकिन है.

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