Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

बसपा-एआईएमआईएम की यूपी चुनाव मिलकर लड़ने की तैयारी, बिगड़ सकते है चुनावी समीकरण

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लखनऊ : बिहार विधानसभा चुनाव में मिली कामयाबी के बाद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और मायावती की बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) आगामी उत्तर प्रदेश का चुनाव साथ मिलकर लड़ सकते है। दोनों के बीच गठबंधन को लेकर संकेत आना शुरू हो गए है।

AIMIM के यूपी अध्यक्ष शौकत अली (Shaukat Ali)  ने कहा कि यूपी में ओवैसी-मायावती (Ovaisi- Mayawati) मिलकर ही BJP को दोबारा सत्ता में आने से रोक सकते हैं। इसके अलावा एसपी, बीएसपी और कांग्रेस कोई भी अकेले बीजेपी को नहीं रोक सकती है। शौकत अली ने कहा कि यूपी में दलित और मुस्लिम (Dalit and Muslims) दोनों समुदाय की समस्या एक जैसी ही है और आबादी भी तकरीबन बराबर है।

बिहार में मिली जीत से उत्साहित एआईएमआईएम ने नये जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के साथ-साथ पार्टी में सदस्यों को जोड़ने का अभियान भी तेज कर दिया गया है। पिछले एक महीने में करीब 20 जिले में नए जिला अध्यक्ष बनाए गए हैं। गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश की राजनीति में मुसलमानों और दलितों की भूमिका अहम रहती है।

शौकत अली ने कहा कि देश की सियासत में एक इंकलाबी परिवर्तन दस्तक दे चुका है। उन्होंने कहा कि तथाकथित सेक्युलर पार्टियां जो 72 वर्षों से दलितों, धार्मिक अल्पसंख्यकों और पिछड़े समाज के हक और अधिकार से महरूम करती रही हैं, अब उनका चेहरा बेनकाब हो चुका है। उन्होंने कहा कि धर्म की घुट्टी पिलाकर भोलीभाली जनता को अब ज्यादा दिनों तक गुमराह नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि एमआईएम को सेक्युलर पार्टियां वोट कटवा और भाजपा का एजेंट कहा करती थीं, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों और हैदराबाद में हुए चुनाव में इस पार्टी को मिली सफलता ने लोगों को जवाब दे दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाएं और धार्मिक भेदभाव और नफरत फैला रही पार्टियों को बेनकाब करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रांतों में होने वाले चुनाव में मजलिस नया इतिहास रचने में कामयाब होगी।

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