सीएम मनोहर लाल की गांव औरंगाबाद में आयोजित विजय संकल्प रैली में होडल से बीजेपी के टिकट पर विधानसभा का पिछला चुनाव लड़े पूर्व विधायक और दलित नेता रामरतन का के विडियो वायरल हो रहा है। जिसमे वह फूट-फूट कर रो रहे है।

दरअसल, मंच पर उन्हें सबके सामने बोलने का मौका नहीं दिया गया इसलिए वह फूट-फूट कर रोने लगे। आलम यह था कि गले में भाजपाई थीम वाले स्टोल से वह आंसू पोंछ रहे थे। फिर भी उनकी हालत पर किसी ने खासा ध्यान न दिया। घटना से जुड़े वायरल वीडियो में उनके आसपास बैठे लोग तो मुस्कुराते नजर आए, पर किसी ने उनसे रोने के पीछे की वजह पूछना जरूरी न समझा।

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इस बारे में सीएम ने कहा कि समय कम होने के कारण रामरतन को बोलने का मौका नहीं मिला तो वह भावुक हो गए। वहीं, रामरतन ने भी पार्टी का आंतरिक मामला था कहकर मामला रफादफा कर दिया। रैली में सीएम के आने से पहले विधायक मूलचंद शर्मा, सीमा त्रिखा, टेकचंद शर्मा सहित कई नेताओं को बोलने का मौका दिया गया था।

मंच संचालक और पलवल के बीजेपी के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह सौरोत व महासचिव पवन अग्रवाल ने समय की कमी होने की दुहाई देते हुए होडल विधानसभा क्षेत्र से किसी भी नेता को बोलने का मौका नहीं दिया। होडल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव औरंगाबाद में हुई विजय संकल्प रैली में सीएम के सामने केवल दीपक मंगला और बीजेपी उम्मीदवार कृष्णपाल गुर्जर को बोलने का मौका मिला।

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