बीजेपी ने कार्यकर्ता की विधवा को बताया धोखेबाज, वापस लिया 5 लाख रुपये का चेक

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बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 6 सितंबर की रात बीजेपी और तृणमूल के संघर्ष के दौरान मारे गए अपने कार्यकर्ता की विधवा को धोखेबाज बताते हुए उसे आर्थिक मदद के तौर पर दिया गया 5 लाख रुपये का चेक वापस ले लिया।

द टेलिग्राफ में प्रकाशित खबर के मुताबिक, बीरभूम के नानूर स्थित रामकृष्णपुर गांव की निवासी चैना गराई ने कहा, ‘बैंक ने बीते हफ्ते चेक वापस भेज दिया। चेक के साथ आए दस्तावेज के मुताबिक, चेक देने वाले ने ‘स्टॉप पेमेंट’ का आदेश जारी किया था।’ चैना ने कहा, ‘बीजेपी नेताओं ने मेरे और तीन बच्चों का ख्याल रखने का वादा किया था। अगर उनको भुगतान रोकना था तो उन्हें मुझे चेक देने की जरूरत क्या थी?’ मामले में बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी ने चैना को भुगतान न करने का फैसला किया है क्योंकि उसने पार्टी से ‘धोखा’ दिया है।

चैना ने द टेलिग्राफ को बताया, ‘मैंने इसे तुरंत कैश नहीं कराया क्योंकि मैं सदमे में थी। मैंने इसे पिछले महीने बैंक में जमा किया, लेकिन इसे वापस भेज दिया गया।’ चैना ने बताया, ‘पति की मौत के तुरंत बाद, बीजेपी नेता हमारे घर आने लगे और यहां भगवा झंडे लगाने लगे। हम सदमे की हालत में थे लेकिन उन्हें कोई परवाह नहीं थी। मैं अभी भी यही कहना चाहती हूं कि मेरे पति राजनीति में नहीं थे लेकिन वह तृणमूल को वोट देते थे।’

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चैना ने कहा, ‘मैं तृणमूल के जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल के दफ्तर 28 सितंबर को गई और उन्हें कहा कि मेरे पति तृणमूल को वोट देते थे। उन्होंने इसके लिए मुझे कोई पैसे देने की पेशकश नहीं की।’ हालांकि, रामकृष्णपुर गांव के निवासियों का कहना है कि स्वरूप बीजेपी कार्यकर्ता था।

इस पूरे मामले में बीजेपी जिलाध्यक्ष श्यामा प्रसाद मंडल ने कहा, ‘हां, हमने पेमेंट रोक दिया। तृणमूल ने उसे खरीद लिया और उसने सार्वजनिक तौर पर कहा कि उसका पति एक तृणमूल कार्यकर्ता था। उसने सभी को धोखा दिया, यहां तक कि अपने मृत पति को भी। अगर सच में वह एक तृणमूल कार्यकर्ता था तो हमें क्यों पैसे देने चाहिए?’

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