सोमवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लेते हुए देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है. साथ ही सवाल उठाया कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने में घबराहट क्यों है ?

इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ वाले नरेंद्र मोदी जी इस बार गुजरात में बाहर होते-होते बचे हैं. गुजरात में अगर दलितों का 18 से 20 फीसदी वोट होता तो फिर वह बाल-बाल नहीं बच पाते, ऊना कांड ही मोदी को बेघर कर देता.

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संविधान को खत्म करने का आरोप लगाते हुए बसपा प्रमुख ने कहा, बीजेपी सरकार संविधान और कानून बदलना चाहती है. उनकी सरकार के मंत्री कहते हैं कि देश का संविधान बदला जाएगा, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. इस दौरान उन्होंने बीजेपी के लोगों पर ईवीएम में छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया.

मायावती ने बीजेपी पर साधा निशाना कहा कि बाबा साहब को भारत रत्न क्यों नही दिया गया था. इसके अलावा मंडल कमीशन की सिफारिशो का बीजेपी ने विरोध किया था. उन्होंने कहा कि समाज के दबे कुचले लोगो को आज भी बराबरी का अधिकार नही मिल पा रहा है.  इन वर्गों को अपने पैरों में न तो बीजेपी खड़ा कर पायेगी और न ही कांग्रेस.

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी दलित और ओबीसी के लिए मे संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी. बीजेपी और आरएसएस हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. 2014 के लोकसभा चुनाव में EVM पर बड़ा घोटाला करके हमारी पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुचाया गया है. इसके आलावा सहारनपुर की घटना में भी हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन हमारी पार्टी की सूझबूझ से ऐसा नही कर पाए.

मायावती ने कहा कि मुझे राज्यसभा में बोलने नही दिया गया जिसके चलते हमने इस्तीफा दिया. इसी तरह 1951 में बाबा साहब को भी परेशान किया गया था जिसके चलते उन्होंने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने कहा कि हमारे इस्तीफे से लोगो को अब समझ आ गया है जिसके चलते स्थानीय निकाय चुनाव में बड़ी सफलता मिली.