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राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और संभावित मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भारतीय जनता पार्टी पर धर्म आधारित राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी के पास अब जवाब देने के लिए कुछ नहीं है इसलिए वह मंदिर, मस्जिद और बाकी चीजों की बात कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि सरकारों को धर्म को एक तरफ रखकर राजनीति करनी चाहिए। सरकार का काम मंदिर-मस्जिद बनवाना नहीं है। उन्होने कहा कि ‘मैं यह नहीं मानता कि राजनीतिक दलों या सरकारों का काम चर्च, गुरुद्वारा और मंदिर बनाना है. उन्हें धर्म को एक ओर रखकर राजनीति करनी चाहिए, लेकिन जब सबकुछ फेल हो जाता है, जब GST, नोटबंदी, स्टैंड अप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इंडया फेल हो जाए और बेरोजगारी हो और किसानों में गुस्सा हो तो उनके पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं होता। इसके बाद वह मंदिर, मस्जिद और बाकी चीजों की बात करने लगते हैं।’

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राम मंदिर के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि उन्हें यह आश्चर्यजनक लग रहा है कि चुनाव के दस दिन पहले लोग धर्म के बारे में बात करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी के पास किसानों की आत्महत्या, मॉब लिंचिंग, जातिगत हिंसा और बलात्कारों की बढ़ती संख्या पर कोई जवाब नहीं है और सात दिसंबर को लोग इन मुद्दों पर वोट देंगे और बीजेपी के बहकावे में नहीं आएंगे।”

बीजेपी के घोषणा पत्र पर उन्होने कहा, भाजपा ने पहले जनता को 15 लाख रूपये हर एक के बैंक खाते में आने का जुमला दिया| पांच साल में जो भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे सकी आज वही भाजपा बेरोजगारों को हर महीने 5 हजार रूपये का भत्ता देने की घोषणा करके फिर से जनता को धोखा देने की कोशिश कर रही है।

पायलट ने आगे कहा, राजस्थान में MSP मात्र घोषणाओं तक सीमित रही। किसानों को मूंग, उड़द का रजिस्ट्रेशन तक नहीं मिला, कपास की फसल की लूट मंडियों में जारी रही। पहले BJP ने जी  भर के किसान को लूटा और अब आय दुगुनी करने का घिसा-पिटा जुमला सुनाकर वोट खींचने की ताक़ में है। उन्होने कहा, विकास केवल आँकड़ों का खेल नहीं बल्कि जमीन पर दिखने वाला सच है। आपने बड़ी आसानी से कह दिया कि हमने 665 में से 95% वादे पूरे किए लेकिन जमीन पर तो 9.5% काम भी नहीं दिखा।

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