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नई दिल्ली । गुजरात चुनाव के नतीजे सामने आ चुके है। जहाँ भाजपा छठी बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है वही कांग्रेस को अभी और पाँच साल इंतज़ार करना होगा। हालाँकि अब यह इंतज़ार 27 का हो जाएगा। लेकिन इन चुनाव परिणाम से एक बात ज़रूर सामने आयी है की भाजपा के लिए यह जीत इतनी आसान नही रही। कांग्रेस को 80 सीटे ज़रूर मिली लेकिन 12 से 15 सीटें ऐसी रही जहाँ हार का अंतर केवल 200 से 1500 वोटों का रहा।

इसलिए अंतिम नतीजों के बाद कई विश्लेशक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भी तारीफ़ कर रहे है। उनका कहना है की गुजरात से एक नए राहुल गांधी का आग़ाज़ हुआ है जो आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए ख़तरे की घंटी है। अब विपक्ष राहुल की लीडरशीप में एक मंच पर आ सकता है। हालाँकि चुनाव परिणाम के बाद विश्लेषण चलते रहते है लेकिन राजनीति कभी ख़त्म नही होती।

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इसकी एक बानगी तब मिली जब भाजपा आइटी सेल के हेड अमित मालवीय ने राहुल गांधी की गम्भीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन गुजरात के चुनाव परिणाम आ रहे थे उस दिन राहुल गांधी अपने दोस्तो के साथ फ़िल्म देख रहे थे। जब उन्हें गुजरात और हिमाचल में मिली हार के बाद कार्यकर्ताओं के बीच होना चाहिए था तब वह फ़िल्म देख रहे थे। अमित मालवीय कि बाद भाजपा प्रवक्ता जेवीएल नरसिम्हा राव ने भी राहुल पर तंज कसा।

भाजपा का इस तरह किसी के व्यक्तिगत जीवन की कार्यशैली पर सवाल उठाना सपा सांसद नरेश अग्रवाल को पसंद नही आया। उन्होंने बेहद अजीब तर्क के साथ भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि यह किसी के व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा मामला है। अब अगर किसी की उसी दिन सुहागरात होती तब वे कहते कि ये सुहागरात क्यों मना रहा है? भाजपा की सोच बेहद संक्रिण है।