Saturday, July 31, 2021

 

 

 

बीजेपी का सिंधिया को केंद्र में मंत्री पद का ऑफर, दिग्विजय सिंह बोले – सिंधिया को स्वाइन फ्लू, हमसे बात नहीं कर रहे

- Advertisement -
- Advertisement -

भोपाल. मध्य प्रदेश के 6 मंत्रियों समेत सिंधिया गुट के 17 विधायकों के बागी तेवर अपनाने के बाद कमलनाथ सरकार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच भाजपा की सरकार बनने की संभावना दिखने पर गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार की देर रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने आवास पर बैठक की।

भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजने के लिए तैयार है। केंद्र में उन्हें मंत्री भी बनाया जा सकता है। कमलनाथ सरकार के गिरने की स्थिति में बनने वाली नई सरकार में सिंधिया खेमे को एक उपमुख्यमंत्री पद भी भाजपा दे सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि सिंधिया तक बात पहुंचा दी गई है। अब सिंधिया पर सब कुछ निर्भर है कि वह क्या फैसला लेते हैं।

बताया यह जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान को दल का नेता चुना जा सकता है। राज्यपाल लालजी टंडन 5 दिन के लिए छुट्टियों पर लखनऊ गए थे। उनके निजी सचिव ने बताया कि राज्यपाल ने अपनी छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं और वे आज भोपाल लौटेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा विधानसभा सत्र की शुरुआत में ही कमलनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है।

वहीं कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है कि सिंधिया को ‘स्वाइनफ्लू’ हो गया है। इसलिए उनसे बातचीत नहीं हो पा रही है। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘हमने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन हमें कहा गया कि उन्हें स्वाइन फ्लू है, इसलिए वे बात नहीं कर पाएंगे।’ पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा, ‘जो भी मध्य प्रदेश में जनादेश का अपमान करने की कोशिश करेगा, उसे जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। अगर आप मुझसे पूछते हैं तो ऑल इज वेल।’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘जो सही कांग्रेस है, वो कांग्रेस में ही रहेगा।’

फिलहाल ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी दिल्ली में हैं। वे आधे घंटे के लिए अपने आवास से अकेले बाहर निकले थे। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया ने सचिन पायलट से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि सिंधिया सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस मध्य प्रदेश का संकट को टालने के लिए कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष या राज्यसभा सदस्य बना सकती है।

मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में दो खाली हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश में कुल 228 विधायक हैं, जिनमें से 114 कांग्रेस, 107 भाजपा, चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी एवं एक समाजवादी पार्टी का विधायक शामिल हैं। कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन चारों निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ बसपा और सपा का समर्थन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles