उत्तरप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में खुद को बीजेपी की और से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने वाले गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ की अब पार्टी में कोई पूछ नहीं हो रही हैं. जिसके चलते वे बगावती तेवर भी अपना सकते हैं.

शनिवार को राजधानी दिल्ली में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में योगी अच्छी खासी तैयारी करके आये हुए थे, लेकिन उन्हें बैठक के दौरान बोलने तक भी नहीं दिया गया. जिससे नाराज होकर बैठक को बीच में ही छोड़ कर चले गए.

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उखड़े मिजाज वाले योगी खुद को पार्टी में सबसे उपर समझते हैं. उनके सामने मोदी ही क्यों न हो, वे उनकी भी नहीं सुनते हैं. ऐसे में अब मोदी और शाह उनसे दूरी रखते हैं. जिसके कारण अब योगी की बीजेपी में पूछ नही हो रही हैं. इसी वजह से सीएम दावेदारों की सूची से भी उनका नाम अलग कर दिया गया है.

इस का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता हैं कि सीनियर होने के बावजूद भी पीएम मोदी ने योगी को अपनी कैबिनेट में जगह तक नहीं दी. इसके साथ ही 26 वरिष्ठ नेताओं की यूपी चुनाव को लेकर गठित कोर कमेटी में भी उन्हें जगह नहीं मिली. उल्टे राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बोलने भी नहीं दिया गया.

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