बीजेपी सांसद उदित राज ने गौरक्षा के नाम पर हो रहे अत्याचार को लेकर कहा कि गऊ माता जी के जो बड़े खैरख्वाह हैं वो गऊ माता का दाह संस्कार क्यों नहीं करते? दाह संस्कार के लिए दलितों को छोड़ देते हैं।

लिंचिंग की घटनाओं पर हरियाणा के झज्जर में पांच दलितों की हत्या का मुद्दा उठाते हुए उन्होने कहा कि 2003 में हरियाणा के झज्जर में पांच दलित मार दिए गए थे। यही अफवाह उड़ाई गई थी कि उन्होंने गौहत्या की थी, जबकि उन्होंने ऐसा किया नहीं था।

बीजेपी सांसद ने कहा, मानव मानव है, पशु पशु है। कौन सा ऐसा समाज होगा जो मानव से ज्यादा पशु को महत्व देता है। मानव से कीमती भला कौन हो सकता है?  गऊ माता जी के जो बड़े खैरख्वाह हैं वो गऊ माता का दाह संस्कार क्यों नहीं करते? दाह संस्कार के लिए दलितों को छोड़ देते हैं। कैसी गऊ माता हैं, कैसी भक्ति है और ये कैसा स्नेह है?

cow

साथ ही उन्होने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की रिहाई की भी मांग की। उन्होने कहा कि चंद्रशेखर को रिहा करना चाहिए। उसने कौन सा ऐसा अपराध किया है जो उसे जेल में सड़ाया जा रहा है। रोहतक में तो चुन-चुन कर दुकानें जलाईं गईं। आधा रोहतक खाक हो गया था। उन पर तो ऐसा कानून नहीं लागू किया गया।

बीजेपी छोडने के सवाल पर उन्होने कहा कि मैं अंबेडकरवादी हूं। मैं बुद्धिस्ट हूं। मैं बीजेपी में हूं पर आरएसएस में नहीं हूं। बीजेपी की विचारधारा तो मान ही रहा हूं। वहां इसाई भी हैं, मुसलमान भी हैं। व्यक्तिगत जिंदगी में धार्मिक और सामाजिक स्तर पर मेरा अपना स्टैंड है। मैं बीजेपी के साथ राजनीतिक रूप से हूं सैद्दांतिक रूप से नहीं। कहा जाता है कि जब तक आरएसएस की फिलॉसफी न मानें तब तक बीजेपी के मेंबर नहीं हो सकते तो ऐसा नहीं है।