हमेशा अपने बयानों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) डायरेक्टर आलोक वर्मा को हटाए जाने के फैसले को पूरी तरह से गलत बताया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक स्वामी ने कहा कि वह पूरी तरह से जस्टिस (रिटायर्ड) पटनायक से सहमत हैं कि वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं था और सीवीसी जो कहती है वह अंतिम शब्द नहीं हो सकता है। बता दें कि जस्टिस पटनायक ने वर्मा के खिलाफ सीवीसी जांच की निगरानी की थी। हाल ही में उनका बयान आया है कि बर्खास्त किये गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी सबूत नहीं है। पीएम की सेलेक्शन कमेटी ने जल्दबाजी में यह फैसला लिया। स्वामी ने कहा कि वह पूरी तरह से जस्टिस पटनायक के बयान से सहमत हैं कि वर्मा को सीवीसी की जांच में आरोपों का जवाब देने के लिए कहा जाना चाहिए था। स्वामी ने कहा कि स्पेशल कमेटी को जस्टिस पटनायक की टिप्पणी भी ध्यान में रखनी चाहिए थी और वर्मा से जवाब देने के लिए कहा जाना चाहिए था। स्वामी ने आगे कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि इंडियन एक्सप्रेस ने जस्टिस पटनायक का बयान छापा। हमें इंदिरा गांधी के आपातकाल से सीखना होगा, हम भारतीय संविधान को दरकिनार नहीं कर सकते। इस पर पत्रकार ने पूछा कि क्या वो जस्टिस (सेवानिवृत्त) एके पटनायक के बयान से सहमत हैं? इस पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, ‘100 फीसदी।’ आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल किए जाने के मात्र दो दिन बाद आलोक वर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति ने गरुवार (10 जनवरी) को एक मैराथन बैठक के बाद एक अभूतपूर्व कदम के तहत भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों में सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया था।

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