बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने करकरे की शहादत पर उठाए सवाल, देशभक्त मानने से किया मना

भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि 2008 के मालेगांव वि’स्फोट मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र आ’तंकवाद विरोधी दस्ते के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे ने पूछताछ के दौरान उनके पूर्व शिक्षक को प्रताड़ित किया था।

सीहोर में एक समारोह में बोलते हुए, भोपाल की सांसद ने कहा कि आपातकाल जैसी स्थिति तब बनी जब उन्हें 2008 में एक “झूठे मामले” में गिर’फ्तार किया गया था, और आरोप लगाया कि करकरे ने अपनी जांच के दौरान, “मेरे शिक्षक की उंगलियां तोड़ दीं, जिन्होंने मुझे कक्षा आठ में पढ़ाया था।”

ठाकुर ने कहा, यह “झूठे मामले को गढ़ने और झूठे सबूत इकट्ठा करने” के लिए किया गया था, उन्होंने कहा कि सच्चे देशभक्त महाराष्ट्र के आईपीएस अधिकारी करकरे को देशभक्त नहीं कहते हैं, जो 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में मारे गए थे।

2019 में भी ठाकुर ने कहा था कि करकरे की मृत्यु हिरासत में उनके साथ बुरा व्यवहार करने पर दिये गए उनके “शाप” से हुई थी। बाद में जब टिप्पणी पर विवाद बढ़ा तो उन्होने माफी मांग ली।

प्रज्ञा के इस बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट किया, ‘जिस प्रज्ञा सिंह ने अपने कर्म और आचरण से भगवा वस्त्र, वास्तविक हिंदुत्व और राष्ट्रधर्म को कलंकित किया है, उन्होंने आज उन्हें शिक्षित करने वाले दिवंगत आचार्य के चेहरे पर भी कालिख पोत दी।

उनकी शिष्या ने अपने अपराध छुपाने के लिए अनेकों बम धमाकों में अपने वरिष्ठ सहयोगी संघ प्रचारक सुनील जोशी की भी अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर डाली, वाह शिष्या। धन्य है, बीजेपी और उनकी आतंकी धरोहर ! मोदी जी, आप प्रज्ञा सिंह को कब तक / कितनी मर्तबा माफ करते रहेंगें?’

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