नई दिल्ली | देश के संविधान ने हर भारतीय नागरिक को चुनाव लड़ने की छुट दी है. चूँकि फैसला जनता को करना है इसलिए यह जनता की जिम्मेदारी है की वो एक सही और अच्छे इंसान को अपना जनप्रतिनिधि चुने. लेकिन ये शब्द जितने सुनने में अच्छे लगते है असलियत में ऐसा बिलकुल भी नही है. क्योकि यह पब्लिक को भी पता है की हमारे जनप्रतिनिधि कितने अच्छे और सच्चे है? इस बार की लोकसभा में ही चुनकर आये डेढ़ सौ से ज्यादा सांसदों पर अपराधिक मुक़दमे दायर है.

ऐसे में यह सोचने वाली बात है की हम किन लोगो को अपना जनप्रतिनिधि चुन रहे है. ये वो लोग है जो सदन में कानून बनाने का काम करते है. सोचिये जो खुद अपराधिक मामलो का सामना कर रहा हो वो आपके लिए किस तरह का कानून बनाएगा. फ़िलहाल हमारे जनप्रतिनिधियों के बारे में एक और आंकड़ा सामने आया है. इस आंकड़े के मुताबिक देश में करीब 51 विधायक और सांसद ऐसे है जिन पर महिलाओ के खिलाफ अपराध के मामले है.

चुनाव् सुधारो के लिए काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था , एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में बताया गया की देश के 51 विधायको और सांसदों ने इस बात की घोषणा की है की उनके खिलाफ महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले चल रहे है. इन अपराधो में बलात्कार और अपहरण जैसे कई संगीन मामले भी शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक इन 51 विधायको और सांसदों में सबसे ज्यादा बीजेपी पार्टी के है.

जबकि शिवसेना दुसरे नम्बर पर और तृणमूल कांग्रेस तीसरे नम्बर पर है. सबसे ज्यादा 14 विधायक और सांसद बीजेपी से है, शिवसेना के 7 , तृणमूल कांग्रेस के 6 नेताओ के खिलाफ ऐसे मामले चल रहे है. सबसे ज्यादा 12 नेता महाराष्ट से और फिर पश्चिम बंगाल और उड़ीसा से है. यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है जब देश में बीजेपी बेटी बचाओ बेटी पढाओ जैसे अभियान चला रही है.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?