image credit: eenaduindia
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भिवानी | मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हरियाणा के भिवानी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. स्थानीय प्रशासन की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए स्थानीय विधायक को भी न्योता भेजा गया गया. लेकिन कार्यक्रम में तब अजीब स्थिति पैदा हो गयी जब स्थानीय विधायक , प्रशासन की व्यवस्था से नाराज होकर वहां से जाने लगे. प्रशासन के बार बार मनाने के बाद भी वो नही माने.

यह पूरी घटना भिवानी के बवानीखेड़ा में घटित हुई. यहाँ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्थानीय प्रशासन की और से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. स्थानीय विधायक विशम्भर सिंह बाल्मीकि को भी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बुलाया गया था. लेकिन जब विधायक साहब कार्यक्रम में पहुंचे तो वहां का इंतजाम देखकर वो उखड गए. दरअसल कार्यक्रम में विधायक जी के बैठने के लिए कुर्सी का ही इन्तजाम नही था.

विशम्भर वाल्मीकि को यह अपना अपमान लगा तो वो वहां से उठकर जाने लगे. इस तरह स्थानीय विधायक के कार्यक्रम बीच में छोड कर जाने से वहां मौजूद अधिकारियो के हाथ पाँव फूल गए. वो तभी विधायक जी के पास पहुंचे और उन्हें मनाने की कोशिश की. लेकिन विधायक जी ने नही माने, उन्होंने कहा की मैं आज भी गुलाम हूँ, मैं इस्तीफा दे दूंगा , लेकिन मंच पर नही जाऊंगा.

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हालंकि बाद में मनाने के बाद वो मान गए. इसके बाद मंच पर उन्हें एक अन्य विधायक की बगल में बैठाया गया. कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा की पूरी व्यवस्था करना स्थानीय प्रशसन की जिम्मेदारी थी , यह अत्याचार की नीति है और इसे चलने नही दिया जायेगा. इस पुरे मामले में सफाई देते हुए डिप्टी कमिश्नर अंशज सिंह ने कहा की कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग विधायको की कुर्सी पर बैठ गए जिसकी वजह से यह परेशानी हुई.

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