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महाराष्ट्र में 5 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर बीते कई सालों से मुस्लिम समाज संघर्ष कर रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी उन्हे आरक्षण नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अब सत्ता पक्ष के बीजेपी विधायक आशीष देशमुख ने मुसलमानों को आरक्षण नहीं देने के लिए महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है।

नागपुर जिले की कटोल तालुका में हाल ही में एक समारोह को संबोधित करते हुए बीजेपी विधायक ने कहा कि आरक्षण नहीं होने की वजह से मुस्लिम समुदाय अच्छी शिक्षा से वंचित है। उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम आरक्षण की तत्काल जरूरत है। अगर इस समुदाय को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण मिलता है तो उनकी प्रगति होगी।’’

बता दें कि कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार ने 2014 में चुनाव के ठीक पहले मराठा आरक्षण के साथ मुस्लिमों को भी शिक्षा और रोजगार में 5 फीसदी आरक्षण दिया था। लेकिन अदालत ने रोजगार में 5 फीसदी आरक्षण पर रोक लगा दी थी, लेकिन शिक्षा में आरक्षण पर कोई रोक नहीं लगी। बावजूद शिक्षा में आरक्षण लागू नहीं किया गया।

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ऐसे में 5 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर राज्य के 60 मुस्लिम संगठनों ने अपना एक फोरम का गठन किया है। जो पूरे प्रदेश में आरक्षण की आवाज बुलंद कर रहा है। ध्यान रहे इससे पहले मुस्लिम आरक्षण की मांग को शिवसेना भी अपना समर्थन दे चुकी है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने  कहा, ‘मराठा के अलावा धांगड़, मुस्लिम और अन्‍य समुदायों के आरक्षण की मांग पर भी गौर करना चाहिए। हमारी पार्टी इस मसले पर केंद्र सरकार का पूरा समर्थन करेगी।’ मुस्लिमों को आरक्षण देने के मुद्दे पर उद्धव ने कहा कि यदि उनकी मांग तर्कपूर्ण और जायज है तो उस पर विचार किया जाना चाहिए।

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