नई दिल्ली | 23 अप्रैल को दिल्ली में नगर निगम के लिए मतदान होना है. इन चुनावो में कांग्रेस , बीजेपी और आम आदमी पार्टी मुख्य प्रतिद्वंदी के रूप में आमने सामने है. यह चुनाव तीनो ही पार्टी के लिए काफी महत्तवपूर्ण है क्योकि बीजेपी जहाँ 10 साल से एमसीडी पर काबिज है वही आम आदमी पार्टी की राज्य में सरकार होने की वजह से उनकी इज्जत दांव पर लगी हुई है. उधर कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापिस पाने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

इसी बीच चुनाव से पहले ही बीजेपी के लिए एक बुरी खबर आई है. बीजेपी के चार उम्मीदवार बिना इलेक्शन लडे ही हार गए है. दरअसल दिल्ली चुनाव आयोग ने बीजेपी के चार उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए है. परेशानी वाली बात यह है की बीजेपी ने इन सीटो पर अपने कवरिंग उम्मीदवार भी खड़े नही किये है. हालाँकि चुनाव आयोग ने बीजेपी के 8 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किये है लेकिन बाकी चार जगह उन्होंने कवरिंग उम्मीदवार खड़े किये हुए है.

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नामांकन रद्द होने वाले उम्मीदवारों में संजू बाला, हैदर जमाल ,मोनिका छाबड़ा और रविन्द्र नेगी शामिल है. जिन सीटो पर नामांकन रद्द हुए है वो है ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला. कमाल की बात यह है की ईस्ट विनोद नगर से बीजेपी के उम्मीदवार रविन्द्र नेगी के कवरिंग उम्मीदवार के तौर पर उनकी पत्नी रेनू नेगी ने पर्चा भरा था लेकिन दोनों ही उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र में एक जैसी गलती की हुई है.

दोनों ही उम्मीदवारों ने फॉर्म के एक कागज पर हस्ताक्षर छोड़े हुए है. अब बीजेपी इन सभी सीटो पर किसी निर्दलीय को समर्थन देने पर विचार कर रही है. इसकी पूरी जिम्मेदारी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को सौपी गयी है. निर्दलीय को समर्थन देने से चुनाव बाद गठबंधन बनाने में भी बीजेपी को आसानी हो सकती है इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है. हालाँकि पार्टी ने चुनाव आयगो से गुहार लगाईं है वो उम्मीदवारों को कम से कम एक सुनवाई का मौका जरुर दे.

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