बीजेपी के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी को लेकर सवाल उठाये है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था का कबाड़ा कर दिया.

उन्होंने वित्तमंत्री अरुण जेटली को निशाने पर लेते हुए कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी करीबी से देखा है. ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम कर रहे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी पास से दिखाएं.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

सिन्हा ने कहा, ‘अरुण जेटली ने अर्थव्यवस्था में अव्यवस्था फैला दी है. इन हालात में भी अगर मैंने इस पर कुछ नहीं कहा तो मैं अपने राष्ट्रीय कर्तव्य को निभाने में असफल माना जाऊंगा.’ उन्होंने कहा, मुझे यह भी मालूम है कि जो मैं कहने जा रहा हूं बीजेपी के ज्यादातर लोगों की यही राय है पर वे डर के कारण बोल नहीं पा रहे हैं.’

उन्होंने कहा, आज के समय में ना ही नौकरी मिल रही है और ना विकास तेज हो रहा है. इनवेस्टमेंट घट रही है और जीडीपी भी घट रही है. जीएसटी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण नौकरी और बिजनेस पर काफी फर्क पड़ा है.

नोटबंदी की आलोचना करते हुए बीजेपी नेता ने कहा, ‘नोटबंदी एक आर्थिक आपदा साबित हुई है. जबकि जीएसटी को इतने ख़राब तरीके से लागू किया गया कि उसने आर्थिक जगत में अफरा-तफरी मचा दी. कई कारोबार बंद हो रहे हैं और अनगिनत लोग बेरोजगार. भविष्य में भी ऐसे कोई संकेत नज़र नहीं आते कि इन क्षेत्रों में किन्हीं अवसरों के द्वार खुलने वाले हैं.’

यशवंत सिन्हा के मुताबिक- सरकार ने जीएसटी को जिस तरह लागू किया उसका भी नकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. जीडीपी अभी 5.7 फीसदी है, जबकि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने का तरीका बदला था. अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखा जाए तो आज जीडीपी 3.7 फीसदी है.

Loading...