असम में सोमवार को जारी किए नेशनल रजिस्टर ऑफ सि‌ट‌िजंस (एनआरसी) के फाइनल ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं किया गया। जिसके बाद से ही उनकी भारत की नागरिकता पर संकट मंडरा रहा है। हालांकि मोदी सरकार का कहना है कि लोगों को नागरिकता साबित करने के लिए पूरे मौके दिये जाएँगे।

दूसरी और बीजेपी के नेता इन लोगों को देश छोडने अन्यथा गोली मार देने की बात कह रहे है। तेलंगाना से विधायक टी राजा सिंह ने कहा कि अगर रोहिंग्या और बांग्लादेशी अप्रवासी भारत छोड़कर नहीं जाते हैं तो उन्हें गोली मार दो। उन्होंने कहा कि तब हमारा देश सुरक्षित रहेगा।

विधायक राजा सिंह ने कहा कि यदि अवैध आप्रवासी (घुसपैठिए) रोहिंग्या और बांग्लादेशी भारत को सम्मान से नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें गोली मार देनी चाहिए। इसके अलाव उन्होंने कहा कि अवैध आप्रवासी रोहिंग्या और बांग्लादेशी देश से बाहर हो जाएंगे, तभी हमारा देश सुरक्षित रहेगा।

इससे पहले पश्चिम बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनी तो असम की तरह प.बंगाल में भी एनआरसी को लागू किया जाएगा। घोष ने पत्रकारों को बताया था, “बंगाल में तकरीबन एक करोड़ से ज्यादा बांग्लादेशी अवैध तरीके से रह रहे हैं। हम उनमें से किसी एक को भी नहीं छोड़ेंगे। अब उन्हें बुरे हालात का सामाना करना पड़ेगा। और जो लोग उनका पक्ष ले रहे हैं, वे भी अपने बैग पैक कर लें।”