पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए -1 में केंद्रीय मंत्री रहे अरुण शौरी ने नोटबंदी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नोटबंदी का फैसला पिछले 70 सालों में आर्थिक नीति के लिहाज से सबसे बड़ी चूक है.

शौरी ने नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ एडवांस्‍ड स्‍टडीज में ‘पॉलिटिक्‍स ऑफ डेवलपमेंट’ व्‍याख्‍यान के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वित्‍त मंत्रालय के अंडर सेकेट्ररी की तरह व्‍यवहार कर रहे हैं. उन्‍होंने आगे कहा कि विमुद्रीकरण के फैसले को देखते हुए लगता है कि बिना किसी सलाह-मशविरा के ही नोटबंदी के फैसले को लागू कर दिया गया। अरुण ने कहा कि यह बार-बार हो रहा है.

बीजेपी नेता ने कहा, तथ्‍य यह है कि अगर कोई चुनाव जीतने के लिए ऐसा कर रहा है तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि वो हमारे दिमाग को बदल रहा है. जो लोग भी वोट दे रहे हैं, वो अब दूसरी बातों को ध्‍यान में रखकर वोट करेंगे. उन्‍होंने यह भी कहा कि वो लोग नहीं जानते हैं कि अर्थव्‍यवस्‍था कैसी चलती है.

इसी के साथ उन्होंने पीएमओ को अब तक की सबसे कमजोर हालत में बताते हुए कहा कि इतना कमजोर पीएमओ कभी नहीं देखा गया है.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें