जम्मू, 19 अगस्त (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक वरिष्ठ नेता ने भाजपा पर जम्मू में अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों की मौजूदगी पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि इसने पिछले चार वर्ष में उन्हें वापस भेजने के लिए वास्तव में कुछ नहीं किया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह राणा ने यहां अपनी नगरौटा विधानसभा सीट में एक दिवसीय यात्रा पर लोगों से कहा, ‘‘ भाजपा छाती पीटने और लोगों को भड़काने के अलावा क्यों कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।’’ उन्होने मुद्दे को तूल देने के लिए भाजपा की आलोचना की।

राणा ने कहा, ‘‘रोहिंग्या शरणार्थियों को विदेशी कानून के तहत वापस भेजने से नयी दिल्ली और श्रीनगर को कौन रोक रहा है।’’ बता दें कि भारत में करीब 40 हज़ार रोहिंग्या मुसलमान ने शरण ली हुई है।  इसके साथ ही उन्होंने अनुच्छेद 35 ए की भी वकालत की जो राज्य के स्थाई निवासियों को विशेष अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘अब अनुच्छेद 35 ए की प्रासंगिकता पहले से भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।’’

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दूसरी और अमेरिका की सरकार ने शुक्रवार को रोहिंग्याओं के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मामले में म्यांमार के चार सैन्य कमांडरों और दो सैन्य इकाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिका ने म्यामांर के चार सैन्य कमांडरों और दो सैन्य इकाइयों पर अल्पसंख्यक रोहिंग्याओं को हिंसक रूप से उनके घर से निकालने में “मानवाधिकारों के गंभीर दुरुपयोग” और “नैतिक सफाई” के आरोपों में दंडनीय प्रतिबंध लगाए।

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अमेरिकी सरकार ने अपनी जांच में पाया कि सैन्य एंड सीमा रक्षा कमांडरों औंग याव जाव, खिन मौंग सोई, खिन ह्ललाइंग और थुरा सैन ने रखाइन से रोहिंग्याओं को भगाने के लिए मानव अधिकारों के विपरीत गंभीर षड्यंत्र रचे।

जांच में पाया गया कि बर्मी सुरक्षा बलों ने रोहिंग्याओं को देश से बाहर निकालने के लिए हिंसात्मक अभियानों का सहारा लिया, जिमसें जातीय सफाए, नरसंहार, यौन हमले और हत्याएं शामिल हैं। यूएस ट्रेजरी में आतंकवाद और वित्तीय खुफिया के सचिव सिगल मंडेलकर ने प्रतिबंधों की घोषणा की।

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