भीमा-कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर दलितों के साथ हुई हिंसा के मामले में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सीधे-सीधे भाजपा-आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है.

उन्हाेंने कहा है कि ये जाे घटना घटी है इसे राेकी जा सकती थी, लेकिन एेसा नहीं हुआ. महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार है, उसी ने हिंसा कराई है। हमें एेसा लग रहा है कि इसके पीछे बीजेपी-आरएसएस आैर जातिवादी ताकताें का हाथ है.

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बसपा सुप्रीमाे ने कहा कि सरकार काे वहां पहले ही उचित प्रबंध करना चाहिए था. अगर पहले से ही सरकार वहां सुरक्षा व्यवस्था ठीक करती ताे एेसी घटना हाेती ही नहीं. उन्होंने कहा कि अपनी सियासत को चमकाने लिए हिंसा को होने दिया गया.

मायावती ने कहा कि हिंसा रोकी जा सकती थी, लेकिन सरकार ने सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए. ये सब एक साजिश के तहत किया गया है. इसके पीछे भाजपा और आरएसएस का ही हाथ है। इन लोगों ने ही जानबूझ कर ये कारनामा कराया है.

इसी बीच महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की न्‍यायिक जांच के आदेश दिए है. इसके साथ ही सीएम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नेताओं से अपील की है कि वे ऐसा कोई बयान न दें, जिससे तनाव हो. उन्‍होंने इस घटना में मारे गए शख्‍स के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की.

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