Saturday, October 23, 2021

 

 

 

सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बिहार के विधानसभा चुनाव में भी ओवैसी दिखाएंगे अपना जलवा

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महाराष्ट्र में दलित नेता प्रकाश आंबेडकर और AIMIM नेता असदउद्दीन ओवैसी को नकारना कांग्रेस और NCP को ले डूबा। ऐसा ही कुछ अब विधानसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है। अगर सेकुलर पार्टियों ने ओवैसी को नजरअंदाज करने की गलती की।

दरअसल, महाराष्ट्र में आंबेडकर और असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन ने राज्य में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को करीब 15 सीटों पर भारी नुकसान पहुंचाया। यह गठबंधन पूरी मजबूती से लड़ा और 40 लाख से ज्यादा वोट खींच ले गया जिसके कारण कांग्रेस को करीब छह, राकांपा को दो और उनके सहयोगी दल स्वाभिमानी शेतकरी संगठन को दो सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। आंबेडकर-ओवैसी के वंचित बहुजन आघाड़ी गठबंधन का नुकसान औरंगाबाद में शिवसेना को भी उठाना पड़ा, जहां उसके दिग्गज नेता चंद्रकांत खैरे चुनाव हार गए और वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवार एमआइएम विधायक इम्तियाज जलील 3,89,042 मत पाकर जीत गए। इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार चौथे स्थान पर जा पहुंचा।

आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी को करीब आधा दर्जन सीटों पर डेढ़ लाख से ज्यादा और लगभग इतनी सीटों पर एक लाख से ज्यादा वोट मिले। 50 हजार से अधिक मत तो उसे कई सीटों पर हासिल हुए। आंबेडकर खुद सोलापुर और अकोला दो सीटों से चुनाव लड़े थे। सोलापुर में कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की हार का कारण आंबेडकर को 1,70,007 वोट मिलना रहा । यहां जीत हुई भाजपा उम्मीदवार डॉ. जय सिद्धेश्र्वर महास्वामी की। अकोला सीट पर भी प्रकाश को 2,78,848 वोट मिले। यहां वह भाजपा उम्मीदवार संजय धोत्रे की जीत में मददगार साबित हुए। नांदेड़ में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण की हार में भी वंचित बहुजन आघाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

बिहार के विधानसभा चुनाव में खुल सकता है AIMIM का खाता

लोकसभा चुनाव का मौजूदा ट्रेंड बताता है कि बिहार में ओवैसी की पार्टी आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमिन (एआईएमआईएम) का खाता विधानसभा चुनाव में खुल सकता है। मोदी लहर में भी पार्टी ने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। भले ही जीत कांग्रेस को मिली, लेकिन उसने लड़ाई को त्रिकोणात्मक बना दिया।

सिर्फ यही एक सीट ऐसी रही, जहां लड़ाई आमने-सामने की नहीं थी और कांग्रेस के मो. जावेद, जदयू के सैयद महमूद अशरफ और एआईएमआईएम के अख्तरुल इमान के बीच कड़ी टक्कर रही। एआईएमआईएम ने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के दो विधानसभा क्षेत्रों बहादुरगंज और कोचाधामन में बढ़त बनायी। यही नहीं एक विधानसभा क्षेत्र अमौर में तो इसे जदयू से भी अधिक वोट आया। इस लोकसभा चुनाव में जहां महागठबंधन का पूरा किला ध्वस्त हो गया, वहीं औवैसी की पार्टी के लिए अच्छी खबर रही। उसने कांग्रेस और जदयू के कड़ा टक्कर देते हुए इस लोकसभा क्षेत्र में अपने लिए स्थान बना लिया।

एआईएमआईएम को यहां 2 लाख 95 हजार 29 वोट आए जो कुल वोट का 26.78 फीसदी था। उधर, कांग्रेस को 3 लाख 67 हजार 17 वोट आया जो 33.32 फीसदी था और जदयू को 3 लाख 32 हजार 551 वोट आया, जो कुल वोट का 30.19 फीसदी  रहा।

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