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आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठजोड़ ने बीजेपी के खेमे में बैचेनी पैदा कर दी है। दरअसल दोनों पार्टियों के ये गठबंधन बीजेपी को 50 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकता है। जिससे वह 23 सीटों पर ही सिमट सकती है।

2017 में हुए विधानसभा चुनाव के अनुसार, आगामी लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा का गठबंधन 80 में कम से कम 57 सीटें हासिल कर सकता है, जबकि भाजपा के खाते में महज 23 सीटें ही आ सकेंगी। बता दें कि सपा और बसपा ने सबसे पहले साल 1993 में गठजोड़ कर के चुनाव लड़ चुके है।

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1991 में बीएसपी ने 386 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह केवल 12 सीटें अपने नाम कर सकी थी। पार्टी को तब 35.32 लाख वोट मिले थे, पर 1993 में बसपा ने जब सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा तो उसे करीब 55 लाख वोट (164 सीटों पर चुनाव लड़ने पर) मिले थे। वहीं, सपा ने 256 सीटों पर चुनाव लड़ा था और तब उसे 89 लाख वोट मिले थे।

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बाद में इन दोनों दलों ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना ली थी, तब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, करीब 18 महीने बाद बसपा ने समर्थन वापस ले लिया था और आगे चलकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई थी।

बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन का आधिकारिक ऐलान हो गया। दोनों ही दल 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे दो सीटें अन्य पार्टियों के लिए छोड़ी हैं, जबकि अमेठी और रायबरेली सीट कांग्रेस के लिए शेष रखी है।

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