आगरा में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा हिन्दुओं को अधिक बच्चें पैदा करने वालें बयान पर शिवसेना ने आलोचना करते हुए कहा कि भागवत का बयान देशहित में नहीं हैं.

‘सामना’ ने अपने संपादकीय में लिखा है, “सरसंघचालक मोहन भागवत ने पुराने और दकियानूसी विचार को नए रूप में प्रस्तुत किया… दूसरे धर्मों के लोग अगर ज़्यादा बच्चों को जन्म दे सकते हैं, तो हिन्दुओं को किसने रोका है – सरसंघचालक का यह बयान सुसंस्कृत और प्रगतिशील हिन्दू समाज को हज़म नहीं होगा…”

मुखपत्र में आगे लिखा गया है, “मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या चिंताजनक है, लेकिन हिन्दुओं को भी बच्चे नहीं बढ़ाने चाहिए, यही विचार देशहित में है… हिन्दू अगर अधिक बच्चों को जन्म देंगे तो पहले ही खस्ताहाल में जीने वाले लोग बेरोज़गारी, भूख, महंगाई की समस्या से और परेशान होंगे…”

भागवत के बयान की आलोचना करते हुए आगे लिखा गया कि उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए. सरसंघचालक का यह विचार हिंदुत्व को लगे जाले के समान है.

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