badru

badru

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के मुखिया बदरुद्दीन अजमल सेना प्रमुख के विवादित बयान को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत करेंगे.

बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि राष्ट्रपति और पीएम के सामने चाय और मिठाई पर चर्चा के दौरान वे इस मुद्दें को उठाएंगे. उन्होंने कहा, “मैं वहां जाऊंगा और चाय पियूंगा। मिठाई भी खाऊंगा, लेकिन मैं उन्हें एआईयूडीएफ से जुड़े तथ्यों से भी परिचित कराऊंगा. हमें इस बात पर कोई गलती महसूस नहीं होती है कि हम कौन हैं और क्या करते हैं.”

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने बताया, मंगलवार को वे इस मुद्दें पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिल चुके है. उन्होंने दो पन्नों का ज्ञापन सौंपकर सेना प्रमुख के बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की. साथ ही वे अब अपने 13 विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मिलने की योजना बना रहे है. एआईयूडीएफ के मुखिया का कहना है, “सेना प्रमुख ने जो कहा मैं उससे समझ नहीं पाया कि वह क्या कहना चाह रहे थे। उन्हें अपने बयान को स्पष्ट करना चाहिए.”

ध्यान रहे एक सेमीनार में आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा था कि ”एक पार्टी है एआईयूडीएफ, अगर आप देखें तो बीजेपी का इतने वर्षों में जितना विस्तार हुआ, उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का तेजी से विस्तार हुआ. जब हम जनसंघ की बात करते हैं और बात करते हैं इसे दो सांसदों से वे कहां पहुंच गए तो हमें यह भी देखना चाहिए कि एआईयूडीएफ असम में तेजी आगे बढ़ रही है. आखिरकार हमें यह देखना होगा कि असम कैसा राज्य होगा.”

इस बारें में बदरुद्दीन अजमल ने  ‘अगर सेना प्रमुख कहते हैं कि असम में जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहे हैं तो यह सरकार का काम है कि इसकी जांच करे. हमारी इकलौती पार्टी है जो यह कहती है कि जिसने भी हमारी सीमाओं में घुसपैठ की है तो उसे गोली मार दी जाए.’ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘लोग कहते हैं कि हम मुस्लिम पार्टी हैं जो कि एक झूठ है. हम सभी चुनावों में हमेशा 20-25 सीट अपने हिंदू भाइयों को देते हैं. मुस्लिम भाइयों ने इस देश की आजादी के लिए अपनी जान की कुर्बानियां दी हैं.

Loading...